Hazaribagh: नगर आयुक्त के निर्देश पर हजारीबाग नगर निगम ने शुक्रवार को बिना लाइसेंस संचालित विवाह भवनों, धर्मशालाओं, लॉज एवं हॉस्टलों के खिलाफ विशेष निरीक्षण अभियान की शुरुआत की. अभियान की पहली कार्रवाई गुरुनानक मैरिज हॉल से शुरू की गई, जहां निगम की टीम ने पहुंचकर दस्तावेजों और लाइसेंस संबंधी व्यवस्थाओं की गहन जांच की. निरीक्षण दल में सहायक नगर आयुक्त (एएमसी), सिटी मैनेजर तथा राजस्व निरीक्षक शामिल थे.
सभी व्यावसायिक विवाह भवनों और संस्थानों के लिए लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य
अधिकारियों ने बताया कि “झारखंड शहरी क्षेत्र धर्मशाला, विवाह भवन/बैंक्वेट हॉल, लॉज एवं हॉस्टल निर्माण एवं अनुज्ञप्ति नियमावली-2013” के तहत सभी व्यावसायिक विवाह भवनों और संबंधित संस्थानों के लिए नगर निगम से लाइसेंस प्राप्त करना तथा निर्धारित वार्षिक शुल्क जमा करना अनिवार्य है.

वहीं, सहायक नगर आयुक्त ने कहा कि यदि कोई संस्थान बिना वैध अनुज्ञप्ति के संचालित पाया जाता है, तो नियमावली की धारा-13 के तहत उसे अनाधिकृत घोषित करते हुए उसके संचालन पर रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी.
जल्द से जल्द अनुज्ञप्ति प्राप्त करने की दी गई चेतावनी
नगर आयुक्त ने शहर के सभी मैरिज हॉल, धर्मशाला, लॉज और हॉस्टल संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा है, कि जिन्होंने अब तक लाइसेंस नहीं लिया है, वे अविलंब निर्धारित प्रपत्र में आवेदन कर अपनी अनुज्ञप्ति प्राप्त करें अन्यथा नगर निगम द्वारा ऐसे संस्थानों को चिन्हित कर आगामी दिनों में सील करने सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. नगर निगम के इस अभियान को शहर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के नियमन और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में शहर के अन्य विवाह भवनों एवं संबंधित संस्थानों की भी सघन जांच की जाएगी.
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