हजारीबाग: ‘ना अवैध कब्जा है, न फर्जीवाड़ा’. हुड़हुड़ू रोड जमीन विवाद में घिरे पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, प्रशासन के सामने पेश किए दस्तावेज, CO ने मौके पर पहुंचकर रोका निर्माण कार्य

Hazaribagh: के कोर्रा कैंटोनमेंट स्थित हुड़हुड़ू रोड पर खाता संख्या 90, प्लॉट 904, 905 और 906 की करीब 58 डिसमिल जमीन पर...

Hazaribagh: के कोर्रा कैंटोनमेंट स्थित हुड़हुड़ू रोड पर खाता संख्या 90, प्लॉट 904, 905 और 906 की करीब 58 डिसमिल जमीन पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण कार्य को लेकर भारी सियासी व प्रशासनिक घमासान देखने को मिल रहा है. विवाद की सूचना मिलते ही स्थिति को बिगड़ने से बचाने के लिए सदर अंचलाधिकारी आशुतोष कुमार और स्थानीय थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ सीधे मौके पर पहुंचे. प्रशासन की मौजूदगी में ही पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, शिकायतकर्ता अमित सोरेन के प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के बीच तीखी बहस हुई. किसी भी संभावित लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल चल रहे निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है.

दस्तावेजों के आधार पर दावा

विवाद के केंद्र में आए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने अवैध जमीन कब्जे के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए अपना पक्ष मजबूती से रखा. उन्होंने मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि संबंधित जमीन के मूल मालिक दिवंगत राजा सोरेन (अमलजीत सोरेन) थे, जो गंभीर रूप से बीमार थे और अपने इलाज के लिए जमीन बेचना चाहते थे. योगेंद्र साव के अनुसार, उनके बेटे अंकित राज ने पूरे होश-ओ-हवास में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट, एनओसी और शपथ पत्र के आधार पर बैंक RTGS के माध्यम से पैसों का कानूनी भुगतान करके जमीन खरीदी है. उन्होंने दावा किया कि राजा सोरेन की डॉक्टर बेटी और परिवार की सहमति से यह एनओसी दी गई है. योगेंद्र साव ने कहा, “हम राजनीति से जुड़े लोग हैं. मैं खुद मंत्री और विधायक रहा हूं. मेरी पत्नी और बेटी भी विधायक रही हैं. हम कोई गलत या ओल-झोल काम नहीं करते. जमीन का पूरा भुगतान हुआ है. पिता के गुजर जाने के बाद अब बेटा अमित सोरेन अवैध उगाही की मंशा से मामले को तूल दे रहा है.

ठगी और केस का जिक्र

प्रशासन के सामने दस्तावेज रखते हुए पूर्व मंत्री ने विरोधियों पर पलटवार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि अमित सोरेन, दीपक गुप्ता और उनके साथी पहले ही फर्जी रजिस्ट्री के जरिए उनके बेटे से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं. इस सिलसिले में बड़ा बाजार टीओपी थाना में कांड संख्या 33/25 दर्ज है, जिसमें ये लोग पुलिस जांच के बाद बाकायदा चार्जशीटेड हो चुके हैं. साव ने आरोप लगाया कि ठगी का मामला दर्ज होने और फर्जीवाड़ा बेनकाब होने के बाद अब प्रशासन को गुमराह करके दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है.

सुरक्षा और रिन्यूअल का पक्ष

स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ता द्वारा जमीन की घेराबंदी (त्रिपाल और झाड़ियों) पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए योगेंद्र साव ने कहा कि खाली पड़ी जमीन पर असामाजिक तत्व जुआ खेलते थे और आवारा पशु घुस आते थे. चूंकि उनकी बेटी पूर्व विधायक अंबा प्रसाद देर रात आती-जाती हैं, इसलिए सुरक्षा कारणों से अस्थायी घेराबंदी की गई थी. खास महल जमीन के सवाल पर उन्होंने कहा कि पूरे हजारीबाग में खास महल जमीनों का सर्वे चल रहा है. इस संबंध में उनकी उपायुक्त से बात हुई है और 15 दिनों के भीतर इन जमीनों को रिन्यूअल कर रेगुलराइज करने की प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है. उन्होंने कहा कि राजस्व सचिव और मंत्री को भी आवेदन दिया जा चुका है.

प्रशासन ने जांच तक रोका निर्माण

मौके पर पहुंचे सदर सीओ आशुतोष कुमार ने मामले पर स्पष्टता देते हुए बताया कि खाता संख्या 90 को लेकर अमित सोरेन द्वारा एसडीओ और पुलिस प्रशासन के समक्ष आवेदन दिया गया था. कानून-व्यवस्था की कोई समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची है. अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया, “फिलहाल दोनों पक्षों को अपने-अपने दस्तावेज अंचल कार्यालय में जमा करने को कहा गया है. दस्तावेजों के गहन अवलोकन और स्क्रूटनी के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा. जांच की प्रक्रिया पूरी होने तक स्थल पर सभी प्रकार के निर्माण कार्य को पूरी तरह रोक दिया गया है. यदि कागजों में कोई सिविल विवाद निकलता है, तो पक्षकार सक्षम सिविल न्यायालय जाने के लिए स्वतंत्र हैं.

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