Hazaribagh: जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र अंतर्गत कंडाबेर पंचायत से सत्ता के नशे और दबंगई का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक स्थानीय कांग्रेस नेता और वर्तमान मुखिया दिनेश साव के बेटे पर एक ग्रामीण की गाड़ी रुकवाकर, उसके साथ बेरहमी से मारपीट करने और उसकी कनपटी पर पिस्तौल तानकर जान से मारने का प्रयास करने का गंभीर आरोप लगा है. पीड़ित ग्रामीण ने इस संबंध में केरेडारी थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है और आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है.
बुकिंग से लौट रहे बोलोरो चालक को घेरकर पीटा
केरेडारी थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, ग्राम व पोस्ट कंडाबेर निवासी राज कुमार (पिता- ईश्वरी साव) पेशे से एक बोलेरो वाहन के मालिक और चालक हैं. वह इसी वाहन से बुकिंग का काम कर अपने पूरे परिवार का भरण-पोषण करते हैं. पीड़ित ने बताया कि रात करीब 9:45 बजे वह अपनी बोलेरो गाड़ी से बुकिंग का काम पूरा कर वापस घर लौट रहे थे. इसी बीच पतरा मोड़ के पास पीछे से आ रही एक अन्य सफेद रंग की बोलेरो (नंबर- JH02BS 3421) ने अचानक हेमराज महतो के घर के पास ओवरटेक करके पीड़ित की गाड़ी को रोक दिया.

मुखिया पुत्र ने निकाली पिस्तौल, बाल-बाल बची जान
पीड़ित राज कुमार के मुताबिक, सामने खड़ी गाड़ी से तीन लोग नीचे उतरे जबकि तीन लोग अंदर ही बैठे रहे. उतरने वाले व्यक्तियों में कंडाबेर पंचायत के मुखिया दिनेश साव का बेटा आनंद कुमार, शमीम कुमार (पिता- सुलेमान) और राहुल कुमार (पिता- स्व. बैदा) शामिल थे. आरोप है कि इन तीनों ने राज कुमार को गाड़ी से खींचकर नीचे उतारा और डंडे-लाठी से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया, जिससे उनके सिर, माथे और पीठ पर गंभीर चोटें आईं. इसी दौरान मुखिया पुत्र आनंद कुमार ने अपनी कमर से पिस्तौल निकाली और राज कुमार की कनपटी पर सटा दी. गनीमत रही कि गोली मिसफायर हो गई या नहीं चली, जिससे पीड़ित की जान बाल-बाल बच गई.
नकदी और सोने की चेन लूटी, पुलिस के पास जाने पर दी जान से मारने की धमकी
मारपीट और जानलेवा हमले के बाद आरोपी यहीं नहीं रुके. आरोप के अनुसार, हमलावरों ने पीड़ित के पास रखे नगद 10,000 रुपये और उनके गले से सोने की चेन छीन ली. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पीड़ित को धमकी दी कि यदि इस घटना की सूचना पुलिस या थाना को दी, तो उसे जान से मारकर फेंक दिया जाएगा और उसकी गाड़ी को आग के हवाले कर दिया जाएगा. इस डर से पीड़ित किसी तरह अपनी गाड़ी छोड़कर वहां से भागा और बाद में दूर जाकर पुलिस को घटना की सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो चुके थे.
भय के साए में पीड़ित परिवार, पुलिस जांच में जुटी
इस खौफनाक वारदात के बाद से पीड़ित राज कुमार और उनका पूरा परिवार गहरे सदमे और भय के साए में जीने को मजबूर है. थाने में दिए गए आवेदन में पीड़ित ने स्पष्ट कहा है कि उक्त आरोपी अपराधी प्रवृत्ति के लोग हैं और उनसे भविष्य में भी जान का खतरा बना हुआ है. पीड़ित ने थाना प्रभारी से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. पुलिस मामले की सत्यता जांचने और आरोपियों की तलाश में जुट गई है.
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