हजारीबाग: 10 वर्षों से बदहाल कोनार नहर सर्विस रोड, दलदल में तब्दील सड़क पर हर दिन जान जोखिम में, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

Hazaribagh: विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच विष्णुगढ़ प्रखंड के हेठली बोदरा से चौथा गांव को जोड़ने वाला कोनार नहर का सर्विस...

Hazaribagh: The Konar Canal Service Road has been in a dilapidated state for 10 years, with lives at risk daily on the swamp-like road; villagers have warned of agitation.

Hazaribagh:  विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच विष्णुगढ़ प्रखंड के हेठली बोदरा से चौथा गांव को जोड़ने वाला कोनार नहर का सर्विस रोड पिछले करीब दस वर्षों से बदहाली का शिकार है. बरसात शुरू होते ही यह सड़क कीचड़, जलजमाव और दलदल में तब्दील हो जाती है. जगह-जगह बने गहरे गड्ढों और फिसलन के कारण इस मार्ग पर सफर करना ग्रामीणों के लिए किसी जोखिम से कम नहीं है. प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण, स्कूली छात्र-छात्राएं, महिलाएं और बुजुर्ग अपनी जान जोखिम में डालकर इस सड़क से गुजरने को मजबूर हैं.

ग्रामीणों की जीवनरेखा बनी है यह सड़क

कोनार नहर का यह सर्विस रोड क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है. इसी रास्ते से लोग बैंक, साप्ताहिक हाट, बाजार, स्वास्थ्य केंद्र तथा अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवागमन करते हैं. वहीं उत्क्रमित उच्च विद्यालय चौथा में पढ़ने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राएं भी प्रतिदिन इसी जर्जर सड़क से विद्यालय पहुंचते हैं. बरसात में कीचड़ और जलजमाव के कारण कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

जनप्रतिनिधियों पर वादाखिलाफी का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक दशक में हजारीबाग और कोडरमा लोकसभा क्षेत्रों के सांसद तथा मांडू और बगोदर विधानसभा क्षेत्रों के विधायक बदलते रहे, लेकिन इस महत्वपूर्ण सड़क की मरम्मत या स्थायी निर्माण के लिए किसी ने गंभीर पहल नहीं की. चुनाव के दौरान सड़क निर्माण और विकास के बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही ये वादे भी ठंडे बस्ते में चले गए.

धान की रोपाई कर जताया था विरोध, सड़क की बदहाली से नाराज

ग्रामीणों ने वर्ष 2025 में अनोखा विरोध प्रदर्शन करते हुए कोनार नहर के सर्विस रोड पर धान की रोपाई की थी. इस विरोध के बाद कोनार नहर प्रमंडल एवं बगोदर प्रशासन के अधिकारियों ने नहर निर्माण कार्य के साथ सड़क की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक वर्ष बीतने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है.

निर्माण एजेंसी की लापरवाही से बढ़ी परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार नहर निर्माण कार्य कुछ समय बाद बंद हो गया. निर्माण एजेंसी द्वारा सड़क किनारे मलबा डाल दिए जाने से वर्षा जल की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई. परिणामस्वरूप इस मानसून में सड़क पहले से अधिक दलदली और खतरनाक हो गई है. कई स्थानों पर सड़क की पहचान तक मुश्किल हो गई है.

स्थायी समाधान की मांग, आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने प्रशासन, सिंचाई विभाग और जनप्रतिनिधियों से तत्काल सड़क की मरम्मत, जल निकासी की समुचित व्यवस्था और सर्विस रोड के स्थायी पक्कीकरण की मांग की है. उनका कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर काम चाहिए. यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाने को विवश होंगे. ग्रामीणों का कहना है कि कोनार नहर का यह सर्विस रोड अब केवल जर्जर सड़क नहीं, बल्कि विकास की अनदेखी और व्यवस्था की उदासीनता का प्रतीक बन चुका है. बरसात के मौसम में यह मार्ग हर दिन दुर्घटना को न्योता दे रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब भी मूकदर्शक बने हुए हैं.

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