Hazaribagh: हजारीबाग कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेस एंड हॉस्पिटल के प्रोस्थोडॉन्टिक्स एवं क्राउन एंड ब्रिज विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दया शंकर के नेतृत्व में रांची के कांटाटोली चौक स्थित ऑन हाइट्स बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर स्थित स्थेटिक्स में तीन दिवसीय इम्प्लांट कोर्स का सफल आयोजन किया गया. यह इम्प्लांट कोर्स का छठा बैच था. इससे पूर्व आयोजित सभी पांच बैच हजारीबाग कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेस एंड हॉस्पिटल में संपन्न हुए थे. प्रशिक्षण कार्यक्रम में हजारीबाग एवं रांची के कई बीडीएस चिकित्सकों ने भाग लेकर आधुनिक डेंटल इम्प्लांट तकनीकों का व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्राप्त किया. समापन समारोह में हजारीबाग कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेस एंड हॉस्पिटल के सचिव डॉ. प्रवीण श्रीनिवास एवं उप-प्राचार्य डॉ. अंकुर भार्गव ने सभी प्रतिभागी चिकित्सकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी.
आधुनिक तकनीकों पर दिया गया प्रशिक्षण
इस अवसर पर डॉ. प्रवीण श्रीनिवास ने कहा कि डेंटल चिकित्सा के क्षेत्र में नई तकनीकों का निरंतर विकास हो रहा है. चिकित्सकों के लिए समय-समय पर कौशल उन्नयन अत्यंत आवश्यक है. हमारा उद्देश्य डिग्री प्रदान करने के साथ-साथ दक्ष और आत्मविश्वासी डेंटल प्रोफेशनल तैयार करना है, जो आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध करा सकें. उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे.

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प्रतिभागियों को मिला प्रैक्टिकल अनुभव
एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दया शंकर ने कहा कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को डेंटल इम्प्लांट से जुड़ी आधुनिक तकनीकों, उपचार योजना, सर्जिकल प्रोटोकॉल एवं प्रैक्टिकल प्रशिक्षण से अवगत कराया गया. उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का उत्साह और सहभागिता बेहद सराहनीय रही. ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम दंत चिकित्सा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.


