एनटीपीसी के कोयला परिवहन मार्ग पर हुए एक सड़क हादसे के बाद रविवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. चेपाकला पंचायत निवासी नरेश कुमार महतो की हाईवा की चपेट में आने से हुई मौत के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने 13 महल के समीप सड़क जाम कर दिया. जाम के कारण एनटीपीसी की कोयला ढुलाई पूरी तरह ठप हो गई और परिवहन मार्ग पर हाइवा वाहनों की लंबी कतार लग गई.
‘तेज रफ्तार हाइवा बन रहे हादसे का कारण’
मृतक के परिजन और ग्रामीण सुबह से ही घटनास्थल पर जुट गए और सड़क पर बैठकर कोयला परिवहन रोक दिया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोयला परिवहन मार्ग पर तेज रफ्तार हाइवा वाहनों के कारण लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किया जा रहा है.ग्रामीणों का आरोप है कि भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही से स्थानीय लोगों, विशेषकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर लगातार खतरा बना हुआ है. उनका कहना है कि स्थायी समाधान नहीं होने के कारण दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं.
15 लाख रुपये मुआवजा और नौकरी की मांग
चेपाकला पंचायत के मुखिया अनिकेत कुमार नायक के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने मृतक के आश्रित परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक कोयला ढुलाई शुरू नहीं होने दी जाएगी.
कोयला परिवहन पूरी तरह प्रभावित रहा
सड़क जाम की सूचना मिलते ही बड़कागांव अंचलाधिकारी मनोज कुमार, थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह और डाड़ीकला ओपी प्रभारी सागेन मुर्मू पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से वार्ता कर जाम समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई सहमति नहीं बन सकी थी. इसके चलते कोयला परिवहन पूरी तरह प्रभावित रहा.
पूर्व विधायक अंबा प्रसाद भी घटनास्थल पहुंचीं
घटना की जानकारी मिलने पर बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद भी घटनास्थल पहुंचीं. उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली. हालांकि उनके जाने के बाद भी ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और आंदोलन जारी रखा.स्थानीय लोगों का कहना है कि एनटीपीसी के कोयला परिवहन मार्ग पर लगातार हो रहे सड़क हादसों से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा व रोजगार नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
