Ranchi: झारखंड में अभी एसआइआर (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) प्रक्रिया चल रही है. इसके तहत, सभी वैध वोटरों की पहचान की जा रही है. यह प्रक्रिया 30 जून से शुरू हो चुकी है जो 29 जुलाई तक चलेगी. चुनाव आयोग के निर्देश पर प्रतिनिधि या बीएलओ हर घर में एक एन्यूमरेशन फॉर्म यानी गणना प्रपत्र लेकर जा रहे हैं और उस फॉर्म को भरवाया जा रहा है, लेकिन इस प्रक्रिया में कई लोगों को एक बड़ा कन्फ्यूजन है कि जन बच्चों का जन्म दिसंबर 2004 के बाद हुआ है वे क्या करें. चुनाव अधिकारियों के द्वारा भी इस कन्फ्यूजन को पूरी तरह दूर नहीं किया गया. जिससे वैसे युवाओं और उनके माता-पिता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
दिसंबर 2004 के बाद जन्मे बच्चों के दस्तावेज़ को लेकर असमंजस
दिसंबर 2004 के बाद पैदा हुए बच्चों के लिए बड़ा कन्फ्यूजन है इसके बारे बीएलओ भी अलग- अलग बातें बता रहे है किसी का कहना है कि उसमें मां और पिता दोनों का डिटेल देना है. जबकि किसी का कहना है जिसके साथ बच्चों का मैपिंग हुआ है उसका डिटेल देना है.
फॉर्म में दोनों अभिभावकों के लिए अलग कॉलम नहीं
फॉर्म में दोनों का डिटेल का कॉलम नहीं दिया गया है, कई लोग इस कन्फ्यूजन को लेकन चुनाव अधिकारी के पास भी पहुंचे, लेकिन चुनाव अधिकारी का कहना है कि अगर दोनों का डिटेल लेना होता तो फॉर्म में कॉलम दिया जाता. फॉर्म के पीछे देखने पर बीएलओ और सुपरवाइजर द्वारा बताये गये दोनों का डिटेल देने का जिक्र कहीं नहीं है. ऑनलाइन में भी दोनों का डिटेल का ऑब्शन नहीं दिया गया है. लोगों का कहना है ऐसे में हम लोग क्या करें, इसकी सही जानकारी चुनाव अधिकारियों को देना चाहिए. हालांकि परेशान कई लोग चुनाव अधिकारी से मिले तो उन्हें आश्वासन दिया गया कि उनके कन्फ्यूजन को शीघ्र दूर कर दिया जायेगा.
चुनाव आयोग ने बताया क्यों जरुरी है फार्म भरना
चुनाव आयोग का कहना है कि एसआइआर प्रक्रिया वोटर लिस्ट को ठीक और अपडेट करने के लिए चलाई जा रही है. इसका उद्देश्य कि लिस्ट से मृत मतदाताओं के नाम और एक ही मतदाता का नाम दो या तीन विधानसभा क्षेत्र के लिस्ट हटायी जाये. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी योग्य नागरिक लिस्ट से बाहर न हो. वोटर यह जान लें कि हर वोटर को यह फॉर्म भरना जरूरी है, चाहे आप पहले से वोटर हों या पहली बार अपना नाम जुड़वा रहे हों.
