Ranchi: राज्य की जेलों में रिक्त पदों को लेकर झारखंड हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने राज्य सरकार को अल्टीमेटम जारी किया है. मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक एवं न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि बीते 1 अप्रैल को ही सरकार को छह महीने का समय देते हुए रिक्त पदों को भरने का आदेश दिया गया था.
रिपोर्ट पेश करने का निर्देश
मामले में अदालत ने गृह सचिव और जेएसएससी सचिव को 8 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी.

अदालत की नाराजगी
अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि रिक्त पदों को भरने के बजाय अदालत को वास्तविक जानकारी नहीं दी जा रही है. भर्ती के नाम पर केवल समय लिया जा रहा है.
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स्वतः संज्ञान का मामला
आपको बताते चलें कि झारखंड हाईकोर्ट जेल व्यवस्था में सुधार एवं मॉडल जेल मैनुअल के अनुपालन को लेकर स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है.
सरकार का पक्ष
हालांकि राज्य सरकार एवं जेएसएससी की ओर से अदालत को बताया गया कि नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. असिस्टेंट जेलर, जेल वार्डर, मेडिकल एवं नर्सिंग स्टाफ समेत कई पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है.
81% पद खाली
आपको यह भी बता दें कि सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह जानकारी आई थी कि राज्य की जेलों में 81 प्रतिशत से अधिक पद खाली हैं.


