Ranchi: राज्य में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने 720 नई एंबुलेंस खरीदने का फैसला किया है. गुरुवार को विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में एंबुलेंस खरीद, संचालन व्यवस्था और निविदा प्रक्रिया को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को एक माह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया.
720 नई एंबुलेंस में क्या-क्या शामिल होगा?
बैठक में निर्णय लिया गया कि पूर्व में स्वीकृत 30 एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस की खरीद प्रक्रिया जारी रहेगी. इसके अलावा 20 अतिरिक्त एएलएस, 270 बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) और 400 पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल (पीटीवी) खरीदे जाएंगे. इसके साथ ही राज्य में कुल 720 नई एंबुलेंस स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ जाएंगी.
ग्रामीण इलाकों के मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ
बैठक में अपर मुख्य सचिव ने बताया कि पूर्व में खरीदी गई तथा विभिन्न मदों से प्राप्त कई एंबुलेंस अब जर्जर हो चुकी हैं. इसके कारण विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी हो रही है. इसी स्थिति को देखते हुए 400 पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल खरीदने का निर्णय लिया गया है. इन वाहनों को सीएचसी और पीएचसी स्तर पर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि ग्रामीण मरीजों को समय पर रेफरल अस्पताल तक पहुंचाया जा सके.
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अलग-अलग मॉडल से होगा एंबुलेंस का संचालन
पीटीवी का संचालन संबंधित सीएचसी एवं पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से कराएंगे. इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की ओर से प्रति वाहन प्रतिमाह 50 हजार रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे. वहीं एएलएस एंबुलेंस सभी सदर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में उपलब्ध रहेंगी तथा उनका संचालन संबंधित अस्पताल प्रबंधन करेगा. बीएलएस एंबुलेंस का संचालन चयनित एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा.
जीवनरक्षक उपकरणों से लैस होंगी एएलएस एंबुलेंस
बैठक में यह भी तय किया गया कि एएलएस और बीएलएस एंबुलेंस की उपयोग अवधि साढ़े छह वर्ष अथवा 1.50 लाख किलोमीटर तथा पीटीवी एंबुलेंस की उपयोग अवधि पांच वर्ष अथवा एक लाख किलोमीटर होगी. अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि एएलएस एंबुलेंस निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार की जाएं और उनमें सभी आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध हों. बैठक में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, एनएचएम के मिशन निदेशक शशि प्रकाश झा, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, उप सचिव ध्रुव प्रसाद सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे.
