कोडरमा से जुड़ा बांकुड़ा ब्लास्ट, NIA की बड़ी कार्रवाई, 16 लाख नकद और 1662 डेटोनेटर बरामद

Koderma: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में हुए मोटरसाइकिल विस्फोट मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच के दौरान इस...

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कोडरमा से जुड़ा बांकुड़ा विस्फोट कांड, NIA ने दो को गिरफ्तार किया

Koderma: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में हुए मोटरसाइकिल विस्फोट मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच के दौरान इस मामले का तार झारखंड के कोडरमा से जुड़ने पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम गुरुवार को कोडरमा पहुंची और छापेमारी कर शंकर यादव एवं महेश मेहता को गिरफ्तार कर लिया. जांच में सामने आया कि विस्फोट में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक शंकर यादव के मैगजीन से निकले थे.छापेमारी के दौरान NIA ने दोनों आरोपियों के पास से 1662 नॉन-इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, पांच डिजिटल डिवाइस और 16 लाख रुपये नकद बरामद किए. कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए कोलकाता ले जाया गया.

लंबे समय से विस्फोटक कारोबार से जुड़े रहे हैं आरोपी  

जांच में यह भी सामने आया कि महेश मेहता का परिवार लंबे समय से विस्फोटक कारोबार से जुड़ा रहा है. पिता का मैगजीन बंद होने के बाद वह कथित तौर पर डेटोनेटर और जिलेटिन की अवैध ढुलाई और सप्लाई में शामिल हो गया. वह अलग-अलग मैगजीन से विस्फोटक खरीदकर ऊंचे दामों पर बेचता था और एंबुलेंस, ऑटो व निजी वाहनों से उनकी आपूर्ति करता था.वहीं, शंकर यादव ने अवैध खनन, जमीन कारोबार और विस्फोटक सप्लाई के जरिए अपना नेटवर्क खड़ा किया. करीब तीन वर्ष पहले उसने मां दुर्गा इंटरप्राइजेज मैगजीन अपने नाम कराया और महेश मेहता के साथ मिलकर अवैध कारोबार को बढ़ाने का आरोप है.

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में छिपे रहे आरोपी

सूत्रों के अनुसार, NIA की जांच की भनक लगने के बाद दोनों आरोपी कई महीनों तक पश्चिम बंगाल के आसनसोल में छिपे रहे. हाल ही में कोडरमा लौटने पर एजेंसी ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया.NIA ने देर रात जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि जांच के दौरान विस्फोटकों को जमा करने और उनकी अवैध ढुलाई करने वाले एक गुप्त नेटवर्क का पता चला है. एजेंसी अब विस्फोटकों के स्रोत और उनके अंतिम गंतव्य की जांच कर रही है.

पहले भी सामने आ चुका है कोडरमा का नाम

कोडरमा का नाम पहले भी विस्फोटक तस्करी के मामलों में सामने आ चुका है. वर्ष 2016 में मरकच्चो के एक मैगजीन से नक्सलियों के लिए भेजे जा रहे 10,350 डेटोनेटर और 6,500 जिलेटिन बिहार पुलिस ने बरामद किए थे. ताजा कार्रवाई के बाद जिले के खनन और विस्फोटक कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है.

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