Ranchi/New Delhi: पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के मामलों के निपटारे के लिए दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में बनी विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने काम शुरू कर दिया है. इस कोर्ट के नए जज अजय गुप्ता ने चार्ज संभाल लिया है.कोर्ट ने मौखिक तौर पर कहा कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई अब रोजाना के आधार पर की जाएगी, ताकि पीड़ित छात्रों को जल्द न्याय मिल सके.

पॉलीग्राफ और ब्रेन मैपिंग टेस्ट की मांग पर कोर्ट ने भेजा नोटिस
इस मामले में मंगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल ने कोर्ट में याचिका दाखिल की है, इसमें उन्होंने पॉलीग्राफ टेस्ट, ब्रेन मैपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की है. कोर्ट ने इस आवेदन पर नोटिस जारी कर दिया है. साथ ही कोर्ट ने सरकार और जांच एजेंसियों से यह भी जवाब मांगा है कि क्या इस तरह की याचिका सुनवाई के लायक है या नहीं. वहीं दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई भी स्थगित कर दी गई है.

जमानत याचिका पर सुनवाई टली
बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि उन्हें मामले में दाखिल चार्जशीट को पढ़ने के लिए थोड़ा समय चाहिए. इसे देखते हुए कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख तय कर दी. कोर्ट अब चार्जशीट पर संज्ञान लेने के मुद्दे पर 6 अगस्त को सुनवाई करेगा. इससे पहले 25 जुलाई को राऊज एवेन्यू कोर्ट के कोर्ट नंबर 408 में इस विशेष अदालत ने काम शुरू किया था. तब विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालिगा ने इसका कार्यभार संभाला था. दिल्ली हाईकोर्ट ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े आपराधिक मामलों की जल्दी सुनवाई के लिए इस फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया है. इस अदालत का मुख्य मकसद ऐसे मामलों का जल्द से जल्द निपटारा करना है, ताकि दोषियों को सजा मिल सके. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक पर कड़ा रुख अपनाया था. उन्होंने कहा था कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ तुरंत सुनवाई होनी चाहिए और उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

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