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शराब घोटाला मामला: ACB मुख्यालय में तीन पूर्व अधिकारियों से पूछताछ जारी, राजस्व नुकसान और टेंडर प्रक्रिया पर ली जा रही जानकारियां

Ranchi: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई तेज हो गई है. एसीबी ने मंगलवार को मामले...

Liquor scam case: Three former officers are being questioned at ACB headquarters, gathering information on revenue loss and tender process.

Ranchi: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई तेज हो गई है. एसीबी ने मंगलवार को मामले से जुड़े तीन पूर्व अधिकारियों को मुख्यालय में तलब कर सुबह 11 बजे से पूछताछ कर रही है. पूछताछ के लिए एसीबी मुख्यालय पहुंचने वाले अधिकारियों में पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश, संयुक्त आयुक्त (उत्पाद) गजेंद्र सिंह और वित्त विभाग के पूर्व महाप्रबंधक सुधीर कुमार दास शामिल हैं. तीनों अधिकारी सुबह ही मुख्यालय पहुंच गए, जहां जांच अधिकारियों ने उनसे अलग-अलग चरणों में सवाल-जवाब किए. एसीबी की टीम ने अधिकारियों के सामने पुरानी उत्पाद नीति और टेंडर प्रक्रिया में किए गए अचानक बदलावों से जुड़े कई अहम दस्तावेज रखे. पूछताछ का मुख्य फोकस वित्तीय गड़बड़ियों, बैंक गारंटी के नियमों में अनदेखी और इसके कारण राज्य सरकार के राजस्व को हुए भारी नुकसान पर जानकारियां ली जा रही है. एसीबी इस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है.

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सबसे पहले 20 मई 2025 को प्राथमिकी दर्ज की गई

बता दें कि एसीबी ने शराब घोटाला मामले में सबसे पहले 20 मई 2025 को प्राथमिकी दर्ज की थी. एफआईआर में पूर्व की उत्पाद नीति के दौरान पद का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक गारंटी देने वाली अयोग्य कंपनियों को मैनपावर आपूर्ति का ठेका देने का आरोप लगा था और बताया गया था कि इससे राज्य सरकार को करीब 38 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा था. एसीबी ने एफआईआर के दिन ही उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव सह जेएसबीसीएल के तत्कालीन प्रबंध निदेशक विनय कुमार चौबे तथा तत्कालीन संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह व प्लेसमेंट एजेंसी मेसर्स मार्शन इनोवेटिव के स्थानीय प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था.

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