Ranchi: राजधानी रांची में एक दिल दहला देने वाली वारदात का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. अरगोड़ा की रहने वाली और ठेले पर गुपचुप बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाली रेखा देवी (बदला हुआ नाम) की हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग, ईर्ष्या और एक सुनियोजित साजिश का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पुलिस ने इस अपराध को अंजाम देने वाले चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. वारदात में इस्तेमाल की गई फर्जी नंबर प्लेट वाली अर्टिगा कार, अवैध हथियार, कारतूस और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं.
पहाड़ी के पास मिला था अज्ञात शव, ऐसे हुई पहचान
मामला तब सामने आया जब तुपुदाना ओपी क्षेत्र के दसमाइल से तुंजू जाने वाली सड़क पर, सिरी सोहराय पहाड़ के समीप एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ. शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन निर्देश पर, सिटी एसपी पारस राणा के मार्गदर्शन में हटिया डीएसपी नीरज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया. पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और स्थानीय इनपुट्स के आधार पर सबसे पहले शव की शिनाख्त अरगोड़ा के पिपरटोली की रहने वाली रेखा देवी के रूप में की. रेखा देवी अरगोड़ा इलाके में ही गुपचुप (गोलगप्पे) का ठेला लगाती थीं.

त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग और ईर्ष्या बनी कत्ल की वजह
पुलिस की कड़ियों को जोड़ने पर जो सच सामने आया, उसने सबको चौंका दिया. जांच में पता चला कि मृतका रेखा देवी के पति संतोष भुइंया और उनके पड़ोस में रहने वाली संध्या कुमारी उरांव के बीच अवैध प्रेम संबंध थे. रेखा देवी को जब इस बात की भनक लगी, तो वह इस रिश्ते का लगातार कड़ा विरोध करने लगीं. पति और संध्या के बीच के इस विरोध ने धीरे-धीरे संध्या के मन में नफरत का रूप ले लिया. रेखा देवी को अपने रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा मानते हुए संध्या ने उन्हें हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की एक खौफनाक साजिश रच डाली.
अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और फिर कर दी हत्या
पुलिस के अनुसार, संध्या कुमारी ने रेखा देवी की हत्या के लिए अपने भाई रमेश उरांव और उसके आपराधिक प्रवृत्ति के दो दोस्तों कृष्णादास गोस्वामी और लखन उरांव को इस साजिश में शामिल किया. योजना के मुताबिक, आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक सफेद रंग की अर्टिगा कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई. 19 जून को अरगोड़ा क्षेत्र से रेखा देवी को जबरन कार में खींचकर उनका अपहरण कर लिया गया. सुनसान इलाके की तरफ ले जाते हुए आरोपियों ने चलती कार में महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया. इसके बाद पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने महिला की बेरहमी से हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने के इरादे से शव को सिरी सोहराय पहाड़ के पास फेंक कर फरार हो गए.
वैज्ञानिक साक्ष्यों से खुली पोल, हथियार और कार बरामद
सड़क किनारे मिले शव के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने और मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण करना शुरू किया. संदिग्ध अर्टिगा कार की मूवमेंट ट्रैक होते ही पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की और चारों आरोपियों को धर दबोचा. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त सामग्री और भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए हैं. पुलिस ने इस मामले में जिन चार लोगों को जेल भेजा है, उसमें संध्या कुमारी उरांव (मुख्य साजिशकर्ता और पड़ोसन), रमेश उरांव (संध्या का भाई), कृष्णादास गोस्वामी (सह-आरोपी) और लखन उरांव (सह-आरोपी) शामिल है.
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