Ranchi : होटवार जेल में महिला कैदी के कथित शारीरिक शोषण मामले ने अब राजनीतिक और कानूनी रूप से तूल पकड़ लिया है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य सरकार मेडिकल रिपोर्ट को छुपाकर और इसे महज एक अफवाह बताकर मुख्य दोषियों को बचाने में जुटी है. सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि मामले में एक नया मोड़ तब आया जब झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की दलीलों को सिरे से खारिज करते हुए मामले की मेडिकल और न्यायिक जांच रिपोर्ट तलब कर ली.
सत्ता के प्रभाव से कैदियों को प्रताड़ित किया जा रहा
मरांडी ने इस अदालती रुख का स्वागत करते हुए कहा कि यह बेहद संवेदनशील विषय है कि न्यायालय की अभिरक्षा में बंद कैदियों को लोभ, लालच, भय और सत्ता के प्रभाव से प्रताड़ित किया जा रहा है. कुछ माह पूर्व महिला की प्रेग्नेंसी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी और उसने खुद दुष्कर्म की बात कबूली थी. लेकिन सच सामने आते ही उसे आनन-फानन में जमानत दे देना गहरी साजिश की ओर इशारा करता है.

पुलिस प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व कटघरे में
मरांडी ने इस मामले में पुलिस प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व को भी कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि सूबे के डीजीपी पद पर बैठी एक महिला अधिकारी भी पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के बजाय दुष्कर्मियों के बचाव में खड़ी नजर आ रही हैं. मरांडी ने उम्मीद जताई है कि उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से इस पूरे काले तंत्र का पर्दाफाश होगा और जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा.
