झारखंड में मानवता की पुकार: दिव्यांग को ट्राइसाइकिल नहीं, भूख से जूझते बच्चे-मुख्यमंत्री ने दिया त्वरित मदद का निर्देश

  Ranchi: झारखंड से दो बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामले सामने आए हैं, जिन्होंने प्रशासन और समाज दोनों को झकझोर कर रख...

 

Ranchi: झारखंड से दो बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामले सामने आए हैं, जिन्होंने प्रशासन और समाज दोनों को झकझोर कर रख दिया है. एक ओर सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत तमारी पंचायत के खाखरो गांव निवासी दिलीप कुमार महतो अब तक ट्राइसाइकिल जैसी बुनियादी सहायता से वंचित हैं, तो दूसरी ओर लोहरदगा के रहमत नगर क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां एक मां सड़क किनारे बेहोश पड़ी है और उसके चार मासूम बच्चे भूख-प्यास से जूझते हुए कचरे से खाना ढूंढकर खाने को मजबूर हैं.

बताया जा रहा है कि दिलीप कुमार महतो को केवल CWSN प्रमाण पत्र के अभाव में ट्राइसाइकिल उपलब्ध नहीं हो सकी है, जबकि उनकी दैनिक जिंदगी इस सुविधा के बिना बेहद कठिन बनी हुई है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मानवीय आधार पर पहल करते हुए उन्हें जल्द सहायता देने की मांग की है.

लोहरदगा में दर्दनाक तस्वीर, भूख से जूझते मासूम बच्चे

वहीं लोहरदगा के रहमत नगर की घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है. पिता के निधन के बाद परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है. मां की बेहोशी और बच्चों की ऐसी स्थिति ने पूरे क्षेत्र में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है.

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, दिए त्वरित निर्देश

इन दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने त्वरित संज्ञान लिया है. उन्होंने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त और लोहरदगा के उपायुक्त को तत्काल जांच कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी जरूरतमंद को सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा और हर संभव मदद सुनिश्चित की जाएगी.

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