Ranchi: राजधानी रांची में सड़क सुरक्षा को लेकर जिला परिवहन कार्यालय की सख्ती के बावजूद वाहन चालकों की लापरवाही कम होने का नाम नहीं ले रही है. रांची जिला परिवहन कार्यालय में तैनात कर्मियों को ड्राइविंग लाइसेंस अधिक से अधिक बने इसको लेकर सभी को सख्त हिदायत दी गई है. रांची जिले में हर महीने औसतन 2200 नए ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जा रहे हैं. ये ड्राइविंग लाइसेंस दो पहिया और चार पहिया के लिए बन रहे हैं. इसके बावजूद सड़कों पर नियमों का उल्लंघन करने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. वहीं रांची जिला परिवहन प्रति माह 8 से 10 लाख रुपये का चालान काट रही है. यह स्थिति दर्शाती है कि लोग वैध दस्तावेज तो बनवा रहे हैं, लेकिन यातायात नियमों के पालन को लेकर अब भी गंभीर नहीं हैं.

युवाओं और नए वाहन चालकों में लाइसेंस बनवाने को लेकर बढ़ी जागरूकता
रांची जिला परिवहन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, युवाओं और नए वाहन चालकों में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने को लेकर जागरूकता बढ़ी है. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को काफी सरल भी किया गया है. इसके बावजूद रांची के अल्बर्ट एक्का चौक, सुजाता चौक, लालपुर और कचहरी रोड जैसे व्यस्त इलाकों में रोजाना सैकड़ों लोग बिना हेलमेट, ट्रिपलिंग, सीट बेल्ट न लगाने, रेड लाइट जंप करने, ड्राइविंग लाइसेंस पास में न रखने जैसे मामलों में पकड़े जा रहे हैं.
लापरवाही से वाहन चलाने वालों को ऑनलाइन भेजा जा रहा चालान
रांची डीटीओ और ट्रैफिक पुलिस अब सड़क सुरक्षा के लिए आधुनिक और ई-चालान तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही है. शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए सीधे वाहनों के नंबर प्लेट को स्कैन कर ऑनलाइन चालान भेजा जा रहा है. रांची डीटीओ अखिलेश कुमार ने बताया कि चेकिंग अभियान में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है. बिना वैध दस्तावेजों और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ मौके पर ही जुर्माना लगाया जा रहा है.
यातायात नियमों के बार-बार उल्लंघन को रोकने के लिए विभाग अब केवल जुर्माना वसूलने तक सीमित नहीं है. गंभीर मामलों में, जैसे शराब पीकर गाड़ी चलाना या तेज रफ्तार में रेसिंग करना, ट्रैफिक पुलिस सीधे डीटीओ को ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा भेज रही है. वहीं पुलिस पदाधिकारी का स्पष्ट कहना है कि केवल लाइसेंस जेब में रख लेने से कोई जिम्मेदार चालक नहीं बन जाता. जब तक आम जनता अपनी मानसिकता नहीं बदलेगी और ट्रैफिक नियमों को अपनी सुरक्षा का हिस्सा नहीं मानेगी, तब तक सड़कों को सुरक्षित बनाना एक बड़ी चुनौती बना रहेगा.
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