Palamu: पलामू जिले में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की नई बहाली को लेकर अभ्यर्थियों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी. अभ्यर्थियों की मांग है कि नियुक्ति मैट्रिक के अंकों के आधार पर मेरिट सूची से नहीं, बल्कि लिखित परीक्षा आयोजित कर पारदर्शी तरीके से की जाए. साथ ही परीक्षा की तिथि और सिलेबस भी जल्द घोषित किया जाए.आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला ने कहा कि पिछले 16 महीनों से इस मांग को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, कार्मिक सचिव, वित्त मंत्री सहित कई उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया.उन्होंने कहा कि अब रांची या दिल्ली जाने के बजाय पलामू को ही आंदोलन का केंद्र बनाया गया है और मांग पूरी होने तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी.

छह महीने के भीतर नई बहाली का दिया था निर्देश
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की बहाली हुई थी, लेकिन माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद जनवरी 2025 में सभी नियुक्त कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई. न्यायालय ने राज्य सरकार को छह महीने के भीतर नई बहाली प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था. इसके बाद सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया तो शुरू की, लेकिन चयन का आधार केवल मैट्रिक परीक्षा के अंक निर्धारित किया गया.अभ्यर्थियों का कहना है कि केवल मेरिट के आधार पर चयन करना हजारों युवाओं के साथ अन्याय है. उनका कहना है कि लिखित परीक्षा आयोजित कर सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर दिया जाए, ताकि योग्य उम्मीदवारों का निष्पक्ष चयन हो सके.

मार्च 2025 से सेवा समाप्त होने के बाद कर रहे बेरोजगारी का सामना
वहीं, पूर्व में सेवा दे चुके चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों का कहना है कि मार्च 2025 से सेवा समाप्त होने के बाद वे बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं. इनमें कई ऐसे कर्मचारी भी हैं जिन्होंने करीब नौ वर्षों तक सेवा दी और कुछ 2026-27 में सेवानिवृत्त होने वाले थे. ऐसे में अचानक नौकरी चले जाने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. भूख हड़ताल में सत्यनारायण शुक्ला के अलावा अनूप पासवान, सोनू सागर सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थी और समर्थक शामिल हैं. आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक लिखित परीक्षा के आधार पर बहाली का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा.


