Jamtara: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय प्रकोष्ठ में जनता दरबार आयोजित किया गया. इसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे करीब 30 से 40 आमजनों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें उपायुक्त के समक्ष रखीं. उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया. कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया. जनता दरबार में जमीन विवाद, आपसी बंटवारा, भू-अर्जन, म्यूटेशन, ऑनलाइन लगान रसीद, जन्म प्रमाण पत्र, आवास की किस्त, आंगनबाड़ी चयन, बिजली पोल, पेयजल और चापाकल जैसी समस्याएं सामने आईं. इसके अलावा कन्यादान योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, मानदेय भुगतान, मत्स्य समिति को तालाब आवंटन तथा जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा के आवेदन में विद्यालय का नाम गलत दर्ज होने से संबंधित शिकायतें भी प्राप्त हुईं.

पशुधन योजनाओं में योग्य लाभुकों के चयन की शिकायत पर जांच के निर्देश
जनता दरबार में कई ग्रामीणों ने शिकायत की कि पशुधन विकास योजनाओं का लाभ योग्य और अहर्ताधारी लाभुकों को नहीं मिल रहा है. ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने जिला पशुपालन पदाधिकारी को मामले की जांच करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के लिए निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले सभी पात्र लाभुकों का चयन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी योग्य व्यक्ति को अनावश्यक रूप से लाभ से वंचित नहीं किया जाए.
महिला कॉलेज में निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की शिकायत, जांच के आदेश
जामताड़ा महिला कॉलेज की छात्राओं ने कॉलेज कर्मी द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने तथा इसका विरोध करने पर छात्राओं को डांट-फटकार किए जाने की शिकायत जनता दरबार में की. उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच का निर्देश दिया. उन्होंने जांच के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा.
एक सप्ताह में शिकायतों के निष्पादन का निर्देश
उपायुक्त ने सभी प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए एक सप्ताह के भीतर मामलों का प्रभावी निष्पादन करने और कार्रवाई से उपायुक्त कार्यालय को अवगत कराने का निर्देश दिया. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें. नियमानुसार जिन कार्यों का निष्पादन किया जा सकता है, उन्हें बिना अनावश्यक विलंब के पूरा किया जाए. उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर भी जोर दिया. जनता दरबार के माध्यम से प्रशासन ने आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.

