Jamtara : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पूरे देश में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए. सरकारी संस्थानों, निजी संगठनों और राजनीतिक कार्यालयों में पौधारोपण कर लोगों ने सोशल मीडिया पर पर्यावरण प्रेम का संदेश दिया. इसी बीच जामताड़ा जिले के कर्माटांड़ प्रखंड अंतर्गत तरकोजीरी पंचायत से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो अब चर्चा का विषय बन गया है.

जानकारी के अनुसार पंचायत मंडप परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर पांच पौधे लगाए गए. इनमें आम, बरगद, पीपल समेत अन्य पौधों के नाम पर पेड़ों की हरी और ताजी डालियों को जमीन में गाड़ दिया गया. पहली नजर में यह पौधे जैसे दिखाई दे रहे थे, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन डालियों में जड़ नहीं थी और वे वास्तविक जीवित पौधे नहीं थे.
दोपहर बाद सूखने लगी डालियां
ग्रामीणों के मुताबिक कार्यक्रम के दौरान फोटो खिंचवाकर औपचारिकता पूरी कर ली गई. वहीं दोपहर बाद जब डालियां सूखने लगीं, तब स्थानीय लोगों को पूरे मामले की जानकारी हुई. इसके बाद ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो तेजी से वायरल होने लगा.
स्थानीय लोगों ने की आलोचना
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों ने इस पूरे आयोजन की आलोचना शुरू कर दी. लोगों का कहना है कि पर्यावरण दिवस केवल दिखावे या फोटो सेशन तक सीमित नहीं होना चाहिए. बल्कि वास्तविक पौधारोपण और उनकी देखभाल पर भी ध्यान देना जरूरी है.
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस तरह की औपचारिक पर्यावरण गतिविधियों पर सवाल उठा रहे हैं.
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