Saurav Singh
Ranchi : झारखंड सरकार के योजना एवं विकास विभाग ने राज्य में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं और बजटीय घोषणाओं की प्रगति को परखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. विकास आयुक्त की अध्यक्षता में आगामी 27 जुलाई से 30 जुलाई तक विभागवार योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की जाएगी. सरकार के सचिव मुकेश कुमार द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह महत्वपूर्ण बैठक नेपाल हाउस स्थित योजना भवन के सभागार में प्रतिदिन शाम चार बजे से छह बजे तक आयोजित की जाएगी. सरकार ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिवों को अपने-अपने विभागों की अपडेटेड रिपोर्ट के साथ इस बैठक में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है.
इन चार मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित रहेगी समीक्षा:
– बैठक में मुख्य रूप से चार एजेंडों पर चर्चा की जाएगी और विभागों को 20 जुलाई तक इसकी एक प्रति और पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन सौंपने का निर्देश दिया गया है.
– वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजनावार उद्व्यय के विरुद्ध निर्गत स्वीकृति आदेश, आवंटन आदेश एवं व्यय से संबंधित प्रतिवेदन.
– वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्रीय और केंद्र प्रायोजित योजना में भारत सरकार से प्राप्त होने वाली राशि के विरुद्ध अब तक प्राप्त राशि की स्थिति. भारत सरकार में योजना संबंधित लंबित मामले
– वित्त मंत्री द्वारा की गई विभागीय घोषणाओं के विरुद्ध अब तक की गई कार्रवाई.
चार दिनों का पूरा शेड्यूल और बजटीय आवंटन:
समीक्षा बैठक को चार अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर चार दिनों तक चलाया जाएगा, जिसका विवरण इस प्रकार है.
दिन 1: 27 जुलाई को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र:
– पहले दिन कृषि, ग्रामीण विकास और जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की समीक्षा होगी.
– ग्रामीण विकास: बजाय 12,000 करोड़
– ग्रामीण कार्य: बजट 5,000 करोड़
– कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता: बजट 4,275 करोड़
– जल संसाधन: बजट 2,200 करोड़.
– पंचायती राज: बजट 1,875 करोड़
– वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन: बजट 1,150 करोड़
दिन 2: 28 जुलाई को इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र:
दूसरे दिन बुनियादी ढांचे और ऊर्जा से जुड़े विभागों के कामकाज को परखा जाएगा.
– ऊर्जा: बजट 11100 करोड़
– पथ निर्माण: बजट 6,000 करोड़
– पेयजल एवं स्वच्छता: बजट 5,000 करोड़
– नगर विकास एवं आवास: बजट 3,500 करोड़
– भवन निर्माण: बजट 800.00 करोड़
– उद्योग: बजट 500 करोड
दिन 3: 29 जुलाई को सामाजिक क्षेत्र:
– तीसरे दिन शिक्षा, कल्याण और खाद्य आपूर्ति जैसे सीधे जनता से जुड़े विभागों की समीक्षा होगी.
– महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा: बजट 22,970 करोड़
– स्कूली शिक्षा एवं साक्षरत: बजट 6,500 करोड़
– खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले: बजट 2,806
– उच्च एवं तकनीकी शिक्षा: बजट 1,200 करोड़
– श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास: बजट 1,050 करोड़
दिन 4: 30 जुलाई को अन्य महत्वपूर्ण विभाग:
– अंतिम दिन स्वास्थ्य, गृह, पर्यटन और कानून व्यवस्था से जुड़े विभागों की समीक्षा की जाएगी
– स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण: बजट 5,975 करोड़
– ST, SC, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण: बजट 3300 करोड़
– आपदा प्रबंधन: बजट 900 करोड़
– गृह विभाग: बजट 766 करोड़
– पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य: बजट 345.00 करोड़
– मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी (नागर विमानन): बजट 100.00 करोड
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