Click Here
Click Here
Click Here
Click Here
Click Here

झारखंड शराब घोटाला: ACB की कार्रवाई, JSBCL के आईटी प्रबंधक समेत कई निदेशकों को समन जारी

Ranchi: झारखंड के बहुचर्चित शराब प्रकरण (शराब घोटाला) की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अपनी कार्रवाई और तेज कर...

Jharkhand liquor scam: ACB action, summons issued to JSBCL's IT manager and several directors

Ranchi: झारखंड के बहुचर्चित शराब प्रकरण (शराब घोटाला) की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है. सबूतों के विश्लेषण और दर्ज किए गए बयानों के आधार पर एसीबी जांच के अगले चरण में प्रवेश कर चुकी है. एसीबी द्वारा हाल ही में दर्ज किए गए गजेंद्र कुमार सिंह, अमित प्रकाश और सुधीर कुमार दास के विस्तृत बयानों में कई महत्वपूर्ण तथ्य और नए पहलू सामने आए हैं इन तथ्यों के सत्यापन, उपलब्ध दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य गवाहों के बयानों से मिलान के उद्देश्य से जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है.

JSBCL के आईटी प्रबंधक से होगी तकनीकी पूछताछ

मामले की जांच के सिलसिले में एसीबी ने JSBCL के आईटी प्रबंधक अमर कुमार मेहता को सात अगस्त को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए समन जारी किया है. एसीबी उनसे ‘Track & Trace’ प्रणाली के क्रियान्वयन, डिजिटल निगरानी व्यवस्था, सिस्टम लॉग, इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख तथा मदिरा आपूर्ति की डिजिटल ट्रैकिंग से संबंधित तकनीकी पहलुओं पर पूछताछ कर सत्यापन करेगी.

पूर्व समन का पालन न करने वाले निदेशकों को फिर मिला समन

इसके अतिरिक्त, पूर्व में जारी समनों का पालन न करने वाले अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कसते हुए ब्यूरो ने दोबारा समन भेजा है. एसीबी ने 10 अगस्त, को कई व्यक्तियों को पूछताछ और बयान दर्ज कराने हेतु उपस्थित होने का निर्देश दिया है.

  • – जतिन सहाय (निदेशक, फ्लोरेंस हेल्थकेयर एंड रिसर्च सेंटर प्रा. लि.)
  • – विकास अग्रवाल ,मनोज तिवारी (निदेशक, ए-टू-जेड इंफ्रा सर्विसेज लिमिटेड)
  • – अरुण गौर (निदेशक, ए-टू-जेड इंफ्रा सर्विसेज लिमिटेड)
  • – इन व्यक्तियों से उपलब्ध दस्तावेजों, वित्तीय अभिलेखों, डिजिटल साक्ष्यों और हाल ही में सामने आए नए तथ्यों के आधार पर विस्तृत पूछताछ कर मामले के विभिन्न पहलुओं का सत्यापन किया जाएगा.

निष्पक्ष जांच के लिए एसीबी प्रतिबद्ध

एसीबी ने स्पष्ट किया है कि जांच को चरणबद्ध, साक्ष्य-आधारित एवं विधिसम्मत तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है. प्रत्येक नए तथ्य का उपलब्ध अभिलेखों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों से समन्वयित परीक्षण किया जा रहा है, ताकि घोटाले से जुड़ी हर कड़ी को स्थापित कर जांच को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जा सके. ब्यूरो ने दोहराया है कि वह एक निष्पक्ष, पारदर्शी और पेशेवर जांच के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है.

ALSO READ : झारखंड सचिवालय सेवा संघ का आर-पार का एलान, कैडर रिव्यू और प्रोन्नति नीति पर सरकार के खिलाफ जंग शुरू, कल से पहनेंगे काला बिल्ला

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *