Click Here
Click Here
Click Here
Click Here
Click Here

झारखंड सचिवालय सेवा संघ का आर-पार का एलान, कैडर रिव्यू और प्रोन्नति नीति पर सरकार के खिलाफ जंग शुरू, कल से पहनेंगे काला बिल्ला

Ranchi: झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने अपनी लंबित मांगों और सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. मंगलवार...

Ranchi

Ranchi: झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने अपनी लंबित मांगों और सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. मंगलवार को सचिवालय परिसर में मानव श्रृंखला बनाकर संघ ने हुंकार भरी और साफ कर दिया कि जब तक उनकी जायज मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा. आंदोलन के अगले चरण के तहत बुधवार से तमाम कर्मी काला बिल्ला लगाकर अपने कार्यों का संपादन करेंगे.

खून देने के बाद अब हक के लिए सड़कों पर उतरे कर्मी

सचिवालय सेवा संघ ने अपने आंदोलन की शुरुआत बेहद अनूठे और सामाजिक रूप से जागरूक अंदाज में की थी। चार अगस्त को ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि के मौके पर सचिवालय में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था. इसके ठीक अगले दिन यानी पांच अगस्त को दोपहर 1:30 बजे से 2:30 बजे तक सचिवालय परिसर में मानव श्रृंखला बनाई गई.अब संघ ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए छह से बारह अगस्त तक काला बिल्ला लगाकर विरोध जताने का फैसला किया है.

क्यों भड़के हुए हैं सचिवालय कर्मी

• कैडर रिव्यू : संघ का आरोप है कि सरकार कैडर रिव्यू के नाम पर महज खानापूर्ति कर रही है.
• प्रोन्नति नीति में संशोधन: सरकार द्वारा प्रमोशन के नियमों में किए गए बदलावों से सचिवालय के कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है, जिससे भारी आक्रोश व्याप्त है.

सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

सचिवालय सेवा संघ का गुस्सा इस बात पर सबसे ज्यादा है कि सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. पूर्व में जब सचिवालय कर्मियों ने दबाव बनाया था, तब सरकार ने कैडर रिव्यू कमेटी में संघ के पदाधिकारियों को बतौर सदस्य शामिल करने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर मनमानी शुरू हो गई.

• सूचनाओं का अभाव: कमेटी की बैठकों की समय पर जानकारी संघ के पदाधिकारियों को नहीं दी गई.
• दस्तावेजों से वंचित रखना: जब संघ के कड़े विरोध के बाद बैठकों की सूचना मिलने लगी, तो नया पेंच सामने आ गया. बैठकों में सदस्य बनाए गए संघ के पदाधिकारियों को किसी भी प्रकार के आधिकारिक दस्तावेज या फाइलें मुहैया ही नहीं कराई गईं.

ALSO READ: गिरिडीह: कोयला चोरों पर ‘लेडी सिंघम’ माया सिंह का कहर, CCL में अवैध कारोबारियों में मचा हड़कंप

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *