Ranchi: राज्य में बहुचर्चित शराब घोटाले की पड़ताल कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की रांची टीम ने अपनी जांच की रफ्तार तेज कर दी है. इसी क्रम में झारखंड हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद नक्सजेन कंपनी के सीईओ अरुण सिंह गुरुवार को एसीबी के सामने उपस्थित हो गए हैं. उनसे अधिकारियों द्वारा गहन पूछताछ की जा रही है और उनका आधिकारिक बयान दर्ज किया जा रहा है.

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद एसीबी दफ्तर पहुंचे अरुण सिंह
जानकारी के मुताबिक, अरुण सिंह ने एसीबी द्वारा जारी समन को चुनौती देते हुए झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. हालांकि, याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उन्हें किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया और गुरुवार दोपहर तीन बजे तक अनिवार्य रूप से एसीबी के समक्ष पेश होने का सख्त निर्देश दिया. अदालत के इस आदेश का पालन करते हुए अरुण सिंह तय समय पर एसीबी कार्यालय पहुंचे.

तीन प्रमुख चेहरों को किया गया था समन
शराब घोटाले की तह तक पहुंचने के लिए जांच एजेंसी ने इस मामले से जुड़े तीन मुख्य लोगों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ के लिए तलब किया है.

- – अरुणपति त्रिपाठी: छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड के पूर्व प्रबंध निदेशक और वहां के आबकारी विभाग में पूर्व विशेष सचिव, जो झारखंड में शराब कारोबार के सलाहकार भी रह चुके हैं.
- – अरुण कुमार सिंह: नक्सजेन कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी
- – श्यामजी शरण: शराब कारोबार से जुड़े प्रमुख व्यवसायी.
वित्तीय दस्तावेजों और साक्ष्यों का किया जा रहा सत्यापन
एसीबी की जांच का मुख्य उद्देश्य गवाहों के बयानों, जब्त किए गए वित्तीय दस्तावेजों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का आपस में मिलान करना है. एजेंसी इस घोटाले की पूरी कड़ी को जोड़कर वित्तीय अनियमितताओं और आपराधिक साजिश के वास्तविक ताने-बाने को उजागर करने में जुटी है.
अरुणपति त्रिपाठी की भूमिका बेहद अहम
एसीबी द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जांच के मौजूदा चरण में छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग से जुड़े रहे अरुणपति त्रिपाठी की उपस्थिति और पूछताछ को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि नीति निर्माण से लेकर क्रियान्वयन तक के स्तर पर हुए लेन-देन और नियमों के उल्लंघन के रहस्यों से उनके बयान के जरिए पर्दा उठ सकता है.फिलहाल एसीबी के वरिष्ठ अधिकारी अरुण सिंह के बयानों की दर्ज प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई और अन्य आरोपियों से आमना-सामना कराए जाने की संभावना है.
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