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राजकोषीय प्रबंधन में झारखंड की लंबी छलांग: गुजरात, महाराष्ट्र और यूपी को पछाड़ा

रांची: झारखंड ने वित्तीय अनुशासन के मामले में देश के बड़े और विकसित राज्यों को पीछे छोड़ते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित...

रांची: झारखंड ने वित्तीय अनुशासन के मामले में देश के बड़े और विकसित राज्यों को पीछे छोड़ते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. नीति आयोग के राजकोषीय सूचकांक 2026 के अनुसार, झारखंड अब देश के ‘टॉप 10’ अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है.

विशेष बात यह है कि वित्तीय प्रबंधन के मामले में झारखंड ने गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे आर्थिक रूप से मजबूत राज्यों से बेहतर प्रदर्शन किया है.

नीति आयोग का यह सूचकांक इस आधार पर तैयार किया जाता है कि कोई राज्य अपना राजस्व कैसे जुटाता है, खर्चों का प्रबंधन किस प्रकार करता है और अपने कर्ज को कितनी कुशलता से संभालता है. झारखंड की इस सफलता के पीछे सुदृढ़ आर्थिक नीतियां और भविष्योन्मुखी बजट प्रबंधन रहा है.

क्या है फैक्ट फाइल

देश के शीर्ष राज्यों में शामिल. राजकोषीय सूचकांक में झारखंड 50.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गया है, जो राज्य की बदलती आर्थिक तस्वीर को दर्शाता है.

दिग्गजों को दी मात: झारखंड ने वित्तीय अनुशासन में गुजरात (49.9), महाराष्ट्र (45.0) और उत्तर प्रदेश (41.9) जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है.

पूंजीगत खर्च में भारी बढ़ोतरी: वित्त वर्ष 2023-24 में राज्य ने पूंजीगत खर्च के लिए 21,248 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 49% अधिक है. यह विकास कार्यों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दिखाता है.

राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण: राज्य ने अपने राजकोषीय घाटे को जीएसडीपी के 2.8 प्रतिशत तक सीमित रखने में सफलता पाई है, जो निर्धारित मानक सीमाओं के भीतर है.

कर्ज प्रबंधन: रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड पर कर्ज का स्तर और उसके ब्याज का बोझ पूरी तरह नियंत्रण में है, जो भविष्य के लिए एक स्वस्थ संकेत है.

राजकोषीय सूचकांक 2026: राज्यों का प्रदर्शन (राज्य स्कोर)

ओडिशा- 73.1

गोवा- 54.7

झारखंड- 50.5

गुजरात- 49.9

महाराष्ट्र- 45.0

उत्तर प्रदेश- 41.9

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