Ranchi: झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने राज्य में पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है. एसोसिएशन ने पुलिस DGP को एक पत्र लिखकर PCR और पेट्रोलिंग वाहनों में पुलिस बल की भारी कमी तथा रसूखदारों द्वारा नियमों के खिलाफ रखे जा रहे बॉडीगार्ड का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया है.
पीसीआर वैन में केवल एक चालक और एक अधिकारी, मंडरा रहा जान का खतरा:
एसोसिएशन ने पत्र में कहा है कि राज्य सरकार द्वारा गश्त और अपराध नियंत्रण के लिए नए बोलेरो वाहन आवंटित किए गए हैं, जो कि एक सराहनीय कदम है. लेकिन अत्यंत खेद का विषय है कि इनमें से अधिकांश वाहनों में केवल एक चालक और एक पुलिस पदाधिकारी ही प्रतिनियुक्त होते हैं. पुलिस बल की इस भारी कमी के कारण गश्त पर तैनात अधिकारियों और जवानों की जान पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है. डीजीपी को लिखे पत्र में जमशेदपुर के डीडी बार में हुई हालिया घटना का हवाला देते हुए कहा गया है कि वहां पीसीआर वैन में पर्याप्त पुलिस बल न होने के कारण पुलिसकर्मी न केवल अपराध रोकने में विफल रहे, बल्कि खुद उनकी सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई.
स्टेटस सिम्बल के लिए रखे जा रहे बॉडीगार्ड, राजस्व का भारी नुकसान:
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने रसूखदारों और भू-माफियाओं द्वारा अवैध रूप से अंगरक्षक रखने पर भी तीखा हमला बोला है. पत्र में कहा गया है कि: राज्य के कई रसूखदार, भू-माफिया और अवैध खनन में संलिप्त व्यक्ति केवल अपने स्टेटस सिम्बल के लिए पुलिस हस्तक नियमों के विपरीत बॉडीगार्ड रख रहे हैं. इनमें से कई व्यक्तियों द्वारा नियमानुसार देय अंगरक्षक प्रतिनियुक्ति प्रतिधारक शुल्क (गार्ड कॉस्ट) भी सरकारी खजाने (ट्रेजरी) में जमा नहीं किया जा रहा है, जिससे राज्य सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है. बिना पुलिस हस्तक नियम और सुरक्षा समिति की अनुशंसा के कई लोगों को मौखिक या पैरवी के आधार पर हथियारबंद जवान और अत्याधुनिक (AK-47) हथियार तक सौंप दिए गए हैं, जो सुरक्षा प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन है.
बॉडीगार्ड की उच्च स्तरीय समीक्षा और वापसी की मांग:
– एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि वे नियमानुसार दी जाने वाली सुरक्षा में कोई हस्तक्षेप नहीं करना चाहते, लेकिन वर्तमान स्थिति की समीक्षा बेहद जरूरी है.
– जिला, इकाई और वाहिनी स्तर पर प्रतिनियुक्त सभी बॉडीगार्ड की अविलंब उच्च स्तरीय समीक्षा की जाए.
– जमीन कारोबारियों, अवैध खननकर्ताओं, दिखावे के लिए सुरक्षा रखने वाले संस्थान प्रमुखों, और निजी अस्पताल, स्कूल संचालकों से बॉडीगार्ड तुरंत वापस लिए जाएं.
– नियमों का उल्लंघन कर बिना सक्षम पदाधिकारी की अनुमति के जवानों को राज्य से बाहर ले जाने वाले लोगों पर कार्रवाई हो.
जवानों को PCR और थानों में तैनात करने की अपील:
एसोसिएशन के अनुसार, अनुपयुक्त जगहों और स्टेटस सिम्बल के रूप में तैनात जवानों को वापस बुलाकर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर PCR और पेट्रोलिंग वैन, थानों और ओपी में तैनात किया जाना चाहिए. इससे पुलिस बल मजबूत होगा, अपराधियों और उपद्रवियों पर कड़ा प्रहार किया जा सकेगा तथा आम जनता में सुरक्षा, शांति और भयमुक्त वातावरण का संदेश जाएगा.
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