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झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन को 25 साल में मिले 18 करोड़ चंदे के रूप में राशि, वार्षिक आय 72 लाख

Dheeraj Kumar Ranchi: झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन को 25 साल में कुल 18 करोड़ चंदे के रूप में राशि प्राप्त हुए हैं....

Dheeraj Kumar

Ranchi: झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन को 25 साल में कुल 18 करोड़ चंदे के रूप में राशि प्राप्त हुए हैं. वहीं इस एसोसिएशन को प्रतिवर्ष 72 लाख चंदे के रूप में राशि प्राप्त हो रहे हैं. इतने भारी भरकम प्राप्त हो रहे राशि का कहां खर्च हो रहे हैं. इसकी जानकारी सिपाही और हवलदार मांग कर रहे हैं. इस एसोसिएशन में करीब साठ हजार सदस्य हैं. जो भी राशि प्राप्त होते हैं उनका चालीस प्रतिशत केंद्रीय कार्यालय में जमा होता है. वहीं अन्य साठ प्रतिशत राज्य के अलग अलग इकाइयों को भेजा जाता है.

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सिपाही और हवलदारों ने मांगा खर्च का ब्यौरा

इस एसोसिएशन में मुख्य रूप से सिपाही और हवलदार शामिल हैं. कई सिपाही और हवलदार इस पूरी राशि के पाई-पाई का हिसाब मांग रहे हैं. सदस्यों का आरोप है कि उन्हें इस बात की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है कि उनके वेतन से कटने वाले चंदे की इस मोटी रकम को कहां और किस मद में खर्च किया जा रहा है. इस एसोसिएशन के पास करीब 60 हजार सदस्य हैं, जो हर महीने अपने वेतन से इस संगठन को सुचारू रूप से चलाने के लिए योगदान देते हैं. इतनी बड़ी संख्या में सदस्यों के होने के कारण हर साल लाखों रुपये का फंड इकट्ठा होता है, लेकिन इसके सही इस्तेमाल और पारदर्शिता को लेकर अब निचले स्तर के पुलिसकर्मियों में असंतोष पनप रहा है.

संगठन के भीतर पारदर्शिता और लोकतंत्र पर बहस

सिपाहियों और हवलदारों का कहना है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिन-रात कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं और अपने हक की कमाई से एसोसिएशन को मजबूत बनाने के लिए चंदा देते हैं. ऐसे में यह उनका लोकतांत्रिक और नैतिक अधिकार है कि उन्हें पता चले कि इस राशि का उपयोग उनके और उनके परिवारों के कल्याण के लिए किस प्रकार किया जा रहा है.

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अध्यक्ष कर्ण सिंह ने दिया जवाब

सदस्यों ने मांग की है कि एसोसिएशन के केंद्रीय और प्रांतीय नेतृत्व को जल्द से जल्द एक विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए. इसमें पिछले 25 वर्षों के आय और व्यय का पूरा लेखा-जोखा होना चाहिए, ताकि फंड के आवंटन में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की आशंका को दूर किया जा सके. इस वित्तीय विवाद ने एसोसिएशन के भीतर आंतरिक लोकतंत्र और पारदर्शिता की बहस को एक बार फिर गरमा दिया है.

वित्त मंत्री से की गई मुलाकात

इस मामले में झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष कर्ण सिंह ने कहा कि अध्यक्ष बनने के बाद खातों का ऑडिट कराया गया है. अध्यक्ष होने के नाते सभी सदस्यों का ध्यान रखा जा रहा है. कुछ दिनों पहले राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर से मुलाकात हुई है और उनको संगठन के सदस्यों की सभी परेशानियों से अवगत कराया गया है. उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द की सभी समस्यों का समाधान कर ली जाएगी.

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