Ranchi: झारखंड में इस साल मानसून की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही है. मौसम विभाग द्वारा 1 से 21 जून तक जारी आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी रांची को छोड़कर पूरा झारखंड बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है. राज्य के 24 में से 23 जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे खरीफ फसलों की बुआई पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं.
राज्य में 62 फीसदी कम बारिश
1 से 21 जून के बीच राज्य में सामान्य वर्षापात 101.5 मिलीमीटर होना चाहिए था, लेकिन इसके मुकाबले वास्तविक वर्षापात केवल 38.4 मिलीमीटर ही हो सका है. इस तरह पूरे राज्य में 62% बारिश की भारी कमी दर्ज की गई है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि अगले एक-दो हफ्तों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो राज्य में खेती-किसानी को भारी नुकसान पहुंच सकता है और जल संकट गहरा सकता है.
सिर्फ रांची में सामान्य बारिश
मौसम विभाग के पैमानों के अनुसार, इस अवधि में केवल रांची ही एकमात्र ऐसा जिला रहा, जहां 3% के विचलन के साथ 108.8 मिलीमीटर सामान्य बारिश दर्ज की गई. इसके विपरीत, राज्य के अन्य सभी जिले मानसून की भारी कमी से जूझ रहे हैं. सबसे बदतर स्थिति गढ़वा (-99%), साहिबगंज (-98%) और चतरा (-96%) जिलों की है, जहां बारिश लगभग शून्य के बराबर रही है.
18 जिलों में बेहद कम बारिश
• गढ़वा (-99%), साहिबगंज (-98%), चतरा (-96%), पलामू (-88%), सरायकेला-खरसावां (-84%), खूंटी (-82%), लोहरदगा (-81%) और गुमला (-78%) में स्थिति बेहद चिंताजनक है.
• देवघर (-76%), गोड्डा (-74%), बोकारो (-70%), जामताड़ा (-70%), कोडरमा (-70%), पश्चिमी सिंहभूम (-69%), पूर्वी सिंहभूम (-68%), लातेहार (-67%), हजारीबाग (-64%) और पाकुड़ (-62%) में भी मानसून पूरी तरह रूठा हुआ है.
कमी वाले जिलों की स्थिति
राज्य के 5 जिले ऐसे हैं, जो कमी की श्रेणी में हैं, यानी यहां बारिश सामान्य से 20% से 59% तक कम हुई है. इनमें गिरिडीह (-59%), धनबाद (-54%), सिमडेगा (-54%), रामगढ़ (-36%) और दुमका (-23%) शामिल हैं. दुमका में वास्तविक वर्षापात 85.5 मिलीमीटर दर्ज किया गया है.


