Ranchi: झारखंड में आज छात्रों और युवाओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा. क्लस्टर सिस्टम लागू करने की तैयारी, प्रतियोगिता परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) व्यवस्था के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और आरवाईए के बैनर तले राज्यव्यापी चक्का जाम किया गया. राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक समेत कई जिलों में मुख्य सड़कें घंटों तक जाम रहीं. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि झारखंड सरकार की नई शिक्षा नीति उच्च शिक्षा को निजीकरण की ओर धकेल रही है. आइसा की राज्य अध्यक्ष विभा पुष्पा दीप ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पदों में कटौती, सीटें घटाने और क्लस्टर सिस्टम लागू करने से गरीब, ग्रामीण और महिला छात्रों की पढ़ाई सबसे ज्यादा प्रभावित होगी. उन्होंने कहा कि इससे ड्रॉपआउट बढ़ेगा और उच्च शिक्षा आम छात्रों की पहुंच से बाहर हो जाएगी.
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सेल्फ-फाइनेंस और वोकेशनल मॉडल को बढ़ावा देकर शिक्षा को किया जा रहा महंगा
आइसा के राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ ने कहा कि सरकार रेगुलर कोर्स की जगह सेल्फ-फाइनेंस और वोकेशनल मॉडल को बढ़ावा देकर शिक्षा को महंगा बना रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीएड और एमएड कॉलेजों के विलय के बाद फीस कई गुना बढ़ जाएगी, जिससे मध्यम और गरीब परिवारों के छात्रों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा. प्रदर्शनकारियों ने NEET, SSC GD और NET जैसी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर भी केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा. रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि बार-बार हो रही धांधली से लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है और युवाओं में भारी आक्रोश है.

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सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग पर सवाल
वहीं, सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर भी छात्रों ने सवाल उठाए. जिला सचिव संजना मेहता ने कहा कि गलत कॉपियां मिलने, तकनीकी गड़बड़ियों और बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने की शिकायतों ने मूल्यांकन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
