झारखंड के युवाओं का फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में पायलट बनने का सपना होगा साकार

  रांची: अगर आप भी नीले आसमान में उड़ान भरने और पायलट बनने का सपना देखते हैं, तो झारखंड सरकार आपके लिए...

 

रांची: अगर आप भी नीले आसमान में उड़ान भरने और पायलट बनने का सपना देखते हैं, तो झारखंड सरकार आपके लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आई है. झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट रांची ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कमर्शियल पायलट लाइसेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम में प्रवेश की घोषणा कर दी है. इस बार यह प्रशिक्षण अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ दुमका एयरपोर्ट पर आयोजित किया जाएगा.

 कोर्स की मुख्य विशेषताएं और सीटें:

इस सत्र में फुल पेड एडमिशन कैटेगरी के तहत कुल 15 सीटों पर आवेदन मांगे गए हैं. यह कोर्स केवल उड़ान भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मल्टी-इंजन रेटिंग और इंस्ट्रूमेंट रेटिंग जैसी उन्नत ट्रेनिंग भी शामिल है, जो एक प्रोफेशनल पायलट बनने के लिए अनिवार्य मानी जाती है.

 प्रशिक्षण की अवधि और स्थान:

पायलट बनने का यह सफर 9 से 12 महीने का होगा हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अभ्यर्थी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की परीक्षाओं को कितनी तेजी से उत्तीर्ण करता है. प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र दुमका एयरपोर्ट होगा.

 क्या आप पात्र हैं जाने अनिवार्य योग्यताएं:

प्रवेश के लिए संस्थान ने कड़े मानक तय किए हैं. आवेदन के समय न्यूनतम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए. 10+2 (इंटरमीडिएट) में फिजिक्स, मैथ और इंग्लिश विषयों का होना अनिवार्य है. सामान्य वर्ग के लिए कम से कम 50% और आरक्षित वर्ग के लिए 45% अंक जरूरी हैं.

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DGCA द्वारा मान्यता प्राप्त Class-II मेडिकल सर्टिफिकेट. ऊंचाई 158 सेमी से 185 सेमी के बीच होनी चाहिए. अभ्यर्थी ने DGCA के CPL सिलेबस के कम से कम 4 विषय पास कर लिए हों.

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