Ranchi: जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने साफ कहा कि 33% महिला आरक्षण पहले से कानून में मौजूद है, लेकिन इसे लेकर देश को भ्रमित किया जा रहा है. सुप्रियो ने प्रधानमंत्री के हालिया राष्ट्र संबोधन को “राजनीतिक भाषण” बताते हुए कहा, कि इस मंच का इस्तेमाल देश के मुद्दों के लिए होना चाहिए, न कि विपक्ष पर निशाना साधने के लिए. उन्होंने कहा कि पहले ऐसे संबोधन खास परिस्थितियों जैसे युद्ध, संकट या बड़े राष्ट्रीय फैसलों में होते थे, लेकिन अब इसकी गरिमा घटाई जा रही है.
2023 में पारित महिला आरक्षण कानून आज भी प्रभावी
उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून आज भी प्रभावी है, लेकिन सरकार इसे लागू करने में देरी कर रही है. जनगणना और परिसीमन का हवाला देकर इसे टाला जा रहा है, जो महिलाओं के साथ अन्याय है.
परिसीमन प्रक्रिया को लेकर भी जेएमएम नेता ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पहले इसमें बड़े स्तर पर विशेषज्ञ शामिल होते थे, लेकिन अब इसे सीमित दायरे में समेट दिया गया है, जिससे निष्पक्षता पर संदेह होता है.
सुप्रियो भट्टाचार्य ने ओबीसी आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब भी महिला आरक्षण लागू होगा, उसमें ओबीसी वर्ग की भागीदारी भी सुनिश्चित होनी चाहिए. उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि ओबीसी के नाम पर राजनीति तो होती है, लेकिन उन्हें अधिकार देने में हिचक दिखाई जाती है.
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