Palamu: झारखंड के पूर्व मंत्री के. एन. त्रिपाठी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ लगातार दिए जा रहे बयानों को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता सन्नी शुक्ला ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान महागठबंधन की भावना और गठबंधन धर्म के अनुरूप नहीं हैं तथा इससे कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम और असंतोष का माहौल बन रहा है. सन्नी शुक्ला ने कहा कि के. एन. त्रिपाठी एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं. उन्हें मंत्री बनने का अवसर भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में मिला था. ऐसे में सार्वजनिक मंचों से लगातार मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना न केवल अनुचित है, बल्कि गठबंधन की मर्यादा के भी विपरीत है. उन्होंने कहा कि त्रिपाठी को अब आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है. कई चुनाव लड़ने और लगातार अवसर मिलने के बावजूद जनता ने उन्हें अपेक्षित समर्थन नहीं दिया. इसके बावजूद वे बार-बार ऐसे बयान देकर केवल सुर्खियों में बने रहने का प्रयास कर रहे हैं.
गठबंधन की गरिमा और अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी है आवश्यक कदम
जनता भी अब इस तरह की बयानबाजी को गंभीरता से नहीं ले रही है. सन्नी शुक्ला ने कहा कि झामुमो के कार्यकर्ताओं ने हर चुनाव में गठबंधन धर्म का पूरी निष्ठा से पालन करते हुए कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में पूरी ताकत से काम किया है. इसलिए कांग्रेस नेतृत्व की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने नेताओं के ऐसे बयानों पर संज्ञान ले, ताकि महागठबंधन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं का मनोबल बना रहे. उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से आग्रह किया कि इस मामले में उचित हस्तक्षेप कर गठबंधन की गरिमा और अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं.
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