बूथ से पंचायत तक झामुमो का शक्ति प्रदर्शन, हेमंत सोरेन के निर्देश पर पार्टी संगठन मिशन मोड में

SIR और जनगणना को लेकर मैदान में उतरे JMM कार्यकर्ता, आज से राज्यव्यापी दौरे पर विनोद पांडेय Ranchi: आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण...

  • SIR और जनगणना को लेकर मैदान में उतरे JMM कार्यकर्ता, आज से राज्यव्यापी दौरे पर विनोद पांडेय

Ranchi: आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और जनगणना को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री एवं झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन के निर्देश पर पार्टी ने बूथ से लेकर पंचायत स्तर तक कार्यकर्ताओं और बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को सक्रिय करने का अभियान छेड़ दिया है. इस अभियान की कमान संभालते हुए झामुमो के केंद्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता विनोद पांडेय सोमवार से राज्यव्यापी संगठनात्मक दौरे पर निकल गए हैं. पार्टी की ओर से 2 जून को चाईबासा, 3 जून को पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां तथा 4 जून को सिमडेगा में महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जाएंगी. इन बैठकों में जिला, प्रखंड और बूथ स्तर के पदाधिकारियों के साथ बीएलए को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा.

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झामुमो जनता के अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरी ताकत से खड़ी

झामुमो का दावा है कि एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिशों का जवाब संगठनात्मक मजबूती और जनजागरण के जरिए दिया जाएगा. पार्टी कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची सत्यापन, जनगणना प्रक्रिया और निर्वाचन संबंधी विषयों पर प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे गांव-गांव और बूथ-बूथ तक सही जानकारी पहुंचा सकें. विनोद पांडेय ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र की सत्ताधारी पार्टी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को राजनीतिक हथियार बनाने में जुटी है, लेकिन झामुमो जनता के अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरी ताकत से खड़ी है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्रीय योजनाओं का श्रेय लेने में आगे रहती है, लेकिन झारखंड के हिस्से की बकाया राशि, खनिज संपदा में उचित हिस्सेदारी और राज्य के विकास जैसे मुद्दों पर मौन साध लेती है.

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झारखंड को उसका वाजिब हक आखिर कब मिलेगा?

उन्होंने सवाल उठाया कि देश की अर्थव्यवस्था को कोयला, लोहा और अन्य खनिज संपदा देने वाले झारखंड को उसका वाजिब हक आखिर कब मिलेगा? साथ ही महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय, एमएसपी की कानूनी गारंटी और बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा.

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