Ranchi: झारखंड में प्रस्तावित परिसीमन को लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झारखंड में ऐसा कोई भी परिसीमन स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी), पिछड़े वर्गों और मुसलमानों के राजनीतिक अधिकारों एवं प्रतिनिधित्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े.

मूल निवासियों के अधिकारों से कंपरमाइज नहीं
डॉ अंसारी ने कहा कि भाजपा नेताओं को “कान खोलकर सुन लेना चाहिए” कि झारखंड की सामाजिक संरचना और यहां के मूल निवासियों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन की प्रक्रिया के जरिए यदि आरक्षित सीटों में कटौती करने या वंचित वर्गों की राजनीतिक भागीदारी कमजोर करने की कोशिश की गई, तो इसका हर स्तर पर कड़ा प्रतिरोध किया जाएगा.
झारखंड आदिवासी बहुल्य राज्य
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड आदिवासी बाहुल्य राज्य है और यहां एसटी-एससी समाज का राजनीतिक प्रतिनिधित्व केवल चुनावी आंकड़ा नहीं, बल्कि संवैधानिक और सामाजिक न्याय का सवाल है. उन्होंने कहा कि आदिवासी, दलित, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समाज के अधिकारों की रक्षा उनकी प्राथमिकता है और सरकार इन वर्गों की आवाज को कमजोर करने वाली किसी भी पहल के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेगी.
सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के प्रभाव कम करने का प्रयास
डॉ अंसारी ने कहा कि यदि परिसीमन के नाम पर आरक्षित सीटों की संख्या घटाने या सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के प्रभाव को कम करने का प्रयास किया गया, तो इसका लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से व्यापक विरोध किया जाएगा. उन्होंने कहा कि हम हर उस कदम का विरोध करेंगे जो झारखंड के आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों के राजनीतिक अधिकारों पर चोट पहुंचाने का काम करेगा.
जरूरत पड़ने पर सदन तक संघर्ष होगा
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की जनता सामाजिक न्याय और समान भागीदारी के मुद्दे पर पूरी तरह सजग है और किसी भी वर्ग के अधिकारों में कटौती बर्दाश्त नहीं करेगी. डॉ अंसारी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सड़क से सदन तक संघर्ष किया जाएगा, लेकिन झारखंड के वंचित और आरक्षित वर्गों के हितों से समझौता नहीं होने दिया जाएगा.
