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कॉमेडी पर जॉनी लीवर का करारा वार-” सिर्फ लुंगी पहनने से कॉमेडी नहीं बनती”

  News Desk:कॉमेडियन और अभिनेता जॉनी लीवर का कहना है कि आज की फिल्मों में कॉमेडी पहले जैसे मजेदार नहीं रही, उनका...

 

News Desk:कॉमेडियन और अभिनेता जॉनी लीवर का कहना है कि आज की फिल्मों में कॉमेडी पहले जैसे मजेदार नहीं रही, उनका मानना है कि अच्छे लेखक कम हो गए हैं और फिल्में जल्दबाजी में बनाई जा रही है .फिल्म “Welcome To The Jungle” में काम कर रहे जॉनी के अनुसार जल्दबाजी और कमजोर कहानी की वजह से कॉमेडी का प्रभाव कम हो गया है.

“एक्सप्रेशन और बॉडी लैंग्वेज की कमी से फीकी पड़ रही कॉमेडी “

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जॉनी लीवर का मानना है कि पहले के डायरेक्टर कलाकारों की काबिलियत को समझते थे ,और उनसे बेहतर प्रदर्शन करवाते थे . वे जानते थे कि किसी सीन में एक्टर से क्या और कैसे करवाना है .लेकिन अब ज्यादातर कलाकार सिर्फ स्क्रिप्ट में लिखी लाइन बोलकर रह जाते हैं .चेहरे के हाव भाव और बॉडी लैंग्वेज पर पहले जैसा ध्यान नहीं दिया जाता है ,जिससे कॉमेडी का असर कम हो रहा है.

नए कलाकारों पर जॉनी लीवर की सीधी बात”

जॉनी लीवर का कहना है कि पहले के कलाकार अलग-अलग भाषाओं में डायलॉग बोलने की कोशिश करते थे लेकिन आजकल के नए कलाकार ऐसा नहीं कर पाते . उनका मानना है कि किसी साउथ इंडियन रोल को असली दिखने के लिए सिर्फ लूंगी पहनना काफी नहीं है. पहले के डायरेक्टर छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देते थे और कॉमेडी को स्क्रिप्ट में सही तरीके से तैयार करते थे,और खुद भी कलाकारों को डायलॉग बोलने का सही तरीका समझाते थे.

“डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के पास कम समय”

आजकल फिल्म बनाने वाले के पास टाइम बहुत कम होता है. कई बार डायरेक्ट सीन को और बेहतर बनाना चाहते हैं लेकिन प्रोड्यूसर जल्दी काम खत्म करने का दबाव डालते हैं. आज के यूथ भी काफी समझदार है. हर कोई वीडियो बनाता है और खुद को एक्टर मानता है इसलिए उन्हें लगता है कि उन्हें एक्टिंग सीखने की जरूरत नहीं हैं.

रेलवे ट्रैक जैसे हो गई कॉमेडी”

जॉनी लीवर का कहना है कि आज की फिल्मों में कॉमेडियन के लिए अलग से कहानी नहीं लिखी जाती . पहले उनके किरदार का पूरा परिवार और अलग ट्रैक होता था ,जिससे कॉमेडी बहुत मजबूत बनती थी .अब सीन इधर-उधर से जोड़ दिए जाते हैं, उनका मानना है कि अच्छे लेखक कम हो गए हैं और मेकर्स को लगता है कि सिर्फ हीरो से ही फिल्म चल जाएगी बाकी कलाकारों को उतनी अहमियत नहीं दी जाती है.

“फिल्म सेट पर नहीं रहा पहले जैसा अपनापन”

जॉनी लीवर का कहना है कि पहले फिल्म सेट पर परिवार जैसा माहौल होता था. सभी कलाकार एक साथ बैठकर खाना खाते और मजाक करते थे. प्रोडक्शन का खाना सबके लिए आता था और आपसी प्यार और समझदारी साफ नजर आती थी आज के दौर में वह अपनापन कम होता जा रहा है.

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