Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) एक बार फिर विवादों में आ गया है. सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र में गंभीर त्रुटियों का मामला सामने आया है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब सरकार पहले ही सीटों का सौदा कर देती है, तो परीक्षाएं केवल औपचारिकता बनकर रह जाती हैं.
प्रश्न पत्र में 100 से अधिक गलतियां
मरांडी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि एसीएफ मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र में 100 से अधिक त्रुटियां पाई गई हैं. सवालों में सर्वोच्च न्यायालय जैसे संवैधानिक शब्दों को गलत तरीके से लिखा गया है, झारखंड की पहचान और यहां के महापुरुषों के नाम भी गलत हैं. उन्होंने कहा कि यह अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ किया गया एक भद्दा मजाक है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता.
संस्था की विश्वसनीयता खतरे में
मरांडी ने सीधे तौर पर सरकार पर आरोप लगाया कि जेपीएससी जैसी महत्वपूर्ण संस्था की विश्वसनीयता जानबूझकर खत्म की जा रही है. उन्होंने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों को अध्यक्ष और पार्टी कार्यकर्ताओं को सदस्य बनाकर संस्थान का राजनीतिकरण किया गया है. जेपीएससी से चयनित अधिकारी राज्य के भविष्य और नीतियों का निर्धारण करते हैं. ऐसे में त्रुटिपूर्ण परीक्षा प्रणाली से चयनित लोग राज्य के लिए क्या योगदान देंगे, यह बड़ा सवाल है.
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अध्यक्ष हटाने और जांच की मांग
मरांडी ने जेपीएससी अध्यक्ष को तुरंत पदमुक्त करने और पूरे मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी अपील की है.
