Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल परीक्षा के माध्यम से नियुक्त हुए 1975 कर्मियों के लिए हाईकोर्ट का फैसला बड़ी राहत लेकर आया है. राज्य सरकार द्वारा नियुक्ति रद्द किए जाने के फैसले पर उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने के बाद अब कर्मियों की सोमवार से अपने-अपने विभागों में वापसी की संभावना बढ़ गई है. प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि कार्मिक विभाग जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर सकता है.

कैबिनेट के फैसले और अचानक आए थे संकट
18 अगस्त को राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद सरकार ने जेएसएससी सीजीएल के तहत की गई सभी नियुक्तियों को रद्द करने का नोटिफिकेशन जारी किया था. इस फैसले से चयनित कर्मियों के सामने अचानक बेरोजगारी और गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया था. नवनियुक्त कर्मियों ने बातचीत में बताया कि नियुक्ति रद्द होने से परिवार के भरण-पोषण और दैनिक जिम्मेदारियों को लेकर गंभीर आर्थिक चुनौतियां उत्पन्न हो गई थीं. सरकारी आदेश के खिलाफ 21 अगस्त को प्रभावित कर्मियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की.
हाईकोर्ट का अहम आदेश और राहत की सांस
21 अगस्त को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के नियुक्ति रद्द करने वाले नोटिफिकेशन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी.
सोमवार से योगदान की उम्मीद
हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर के बाद अब सभी की नजरें कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग पर टिकी हैं. विभागीय पत्र जारी होते ही कर्मी सोमवार से अपने पदों पर पुन: योगदान देंगे. मामले की अगली सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने 15 सितंबर की तिथि निर्धारित की है. अदालत ने केस की आगे की कार्यवाही के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं. अभ्यर्थियों को एक शपथ पत्र दाखिल करना होगा, जिसमें यह स्पष्ट रहेगा कि भविष्य में यदि किसी जांच में कोई अभ्यर्थी व्यक्तिगत रूप से दोषी पाया जाता है, तो उसकी सेवा तुरंत समाप्त कर दी जाएगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी उसी अभ्यर्थी की होगी. राज्य सरकार को भी इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए कोर्ट में काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है.
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