कोडरमा जेजे कॉलेज: लड़ाई 18,000 छात्रों की नहीं, उस माता-पिता की है जो तंगी में भी अपने बच्चे को पढ़ाना चाहते हैं- जेजेसीबीएसएस

Koderma: जिले के गौरवशाली जेजे कॉलेज सहित सभी डिग्री कॉलेजों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से हटाकर नवनिर्मित जे.सी. बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह...

Koderma: जिले के गौरवशाली जेजे कॉलेज सहित सभी डिग्री कॉलेजों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से हटाकर नवनिर्मित जे.सी. बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह से जोड़ने के सरकारी फैसले के खिलाफ गोलबंदी तेज हो गयी है. इस मुद्दे को लेकर ‘जेजे कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति’ ने 12 जून कोडरमा जिला मुख्यालय स्थित फैमिली रेस्टोरेंट में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया. ​प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए समिति के संरक्षक सईद नसीम ने इस फैसले को पूरी तरह छात्रविरोधी,गरीब विरोधी और अव्यवहारिक बताया.

एक गलत फैसले से जिले के लगभग 18,000 छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है

उन्होंने कहा कि कोडरमा के कॉलेजों में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र-छात्राएं ग्रामीण और अत्यंत गरीब परिवारों से आते हैं. हजारीबाग की भौगोलिक दूरी और सुगम यातायात की तुलना में गिरिडीह जाना इन गरीब छात्रों के लिए आर्थिक रूप से कमर तोड़ने वाला साबित होगा. सबसे बड़ा खतरा छात्राओं पर है, क्योकि आवागमन की सुविधा न होने से कई छात्राओं को बीच में ही पढ़ाई छोड़ने (Drop-out) पर मजबूर होना पड़ेगा, जो महिला शिक्षा के दावों पर एक बड़ा तमाचा होगा. समिति के अध्यक्ष महेश भारती ने कहा कि एक गलत फैसले से जिले के लगभग 18,000 छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है.​

सीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा

उन्होंने महामहिम राज्यपाल महोदय के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि महामहिम ने छात्रों के दर्द को समझते हुए उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को इस मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है. ​उन्होंने कहा कि समिति लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन के प्रथम चरण के तहत ​13 जून को जिले के तमाम स्थानीय जनप्रतिनिधियों (सांसद, विधायक,जिप अध्यक्ष आदि) से मिलकर मांग पत्र सौंपा जाएगा और उनसे स्पष्ट लिखित समर्थन मांगा जाएगा, ताकि पता चल सके कि कौन छात्रों के साथ है और कौन मौन है. वहीं समिति के सचिव ने बताया कि 15 जून से झुमरीतिलैया के झंडा चौक समेत पूरे कोडरमा जिले के कोने-कोने में व्यापक हस्ताक्षर अभियान और जन-जागरण के लिए पर्चा वितरण किया जाएगा. हस्ताक्षर अभियान के जरिये हज़ारों हस्ताक्षर को इकट्ठा कर सीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा. सीएम से मुलाकात के लिए अनुरोध किया गया है और जब भी सीएम समय उपलब्ध करा देते है, तो 10 सदस्यी टीम माननीय मुख्यमंत्री से मुलाकात कर छात्रों का पक्ष प्रत्यक्ष रूप से रखेंगे. मीडिया प्रभारी रवि पासवान ने कहा कि यदि हस्ताक्षर अभियान के बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन के दूसरे चरण में आर-पार की लड़ाई होगी.

ऐतिहासिक छात्र महापंचायत बुलाई जाएगी

इसके लिए ऐतिहासिक छात्र महापंचायत बुलाई जाएगी. इस छात्र महापंचायत में जिले भर के छात्रों, युवाओं और अभिभावकों को आमंत्रित किया जाएगा. इस महापंचायत में आंदोलन की आगे की रणनीति और सिस्टम के खिलाफ आर-पार की जंग का शंखनाद होगा. महापंचायत में समाहरणालय घेराव और जेजे कॉलेज में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल किया जाएगा. जेजे कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठने की अपील की है. समिति ने जिले के सांसद, विधायक, जिप अध्यक्ष और सभी स्तर के नेताओं से अपील की कि यह राजनीति का नहीं, बल्कि कोडरमा की अस्मिता और युवा पीढ़ी के हक की लड़ाई है. सभी नेता अपनी राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर एक मंच पर आएं और सरकार से इस जनविरोधी फैसले को वापस करवाएं.

अगर आज हम चुप रहे, तो आने वाली पीढ़ियों का हक छिन जाएगा

वहीं ​कोडरमा वासियों से अपील किया है की “यह लड़ाई सिर्फ 18,000 छात्रों की नहीं, बल्कि हर उस माता-पिता की है जो तंगी में भी अपने बच्चे को पढ़ाना चाहते हैं. अगर आज हम चुप रहे, तो आने वाली पीढ़ियों का हक छिन जाएगा.” समिति ने सभी अभिभावकों, बुद्धिजीवियों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से 15 जून से शुरू हो रहे आंदोलन और उसके बाद होने वाली छात्र महापंचायत में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है. प्रेस वार्ता में संरक्षक सईद नसीम, अध्यक्ष महेश भारती,सचिव देवेंद्र कुमार, मीडिया प्रभारी रवि पासवान, बिनोद कुमार, नीरज सिंह आदि मौजूद थे.

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