Koderma : जिले के जयनगर और चलकुशा प्रखंड को जोड़ने वाला परसाबाद दुमदूमा पुल आज जर्जर हालत में अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रहा है. पुल के कई हिस्सों से सरिया बाहर निकल चुकी है और नीचे की नींव भी कमजोर पड़ गई है. इसके बावजूद रोजाना सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन और स्कूली बच्चे इसी पुल से आवागमन करने को मजबूर हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में पुल की स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है.


पुल की जर्जर हालत बनी बड़ी चिंता
पिलर के पास बालू कटाव के कारण नींव का एक हिस्सा धंसता नजर आ रहा है. पुल पर लगे रेलिंग भी कई जगह टूट चुके हैं. रात के समय बिना लाइट के आवागमन करना जान जोखिम में डालने जैसा है. ग्रामीणों ने बताया कि यह पुल जयनगर, चलकुशा के अलावा आसपास के दर्जनों गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ता है. मरीजों को अस्पताल ले जाने, बच्चों को स्कूल भेजने और किसानों को मंडी तक जाने के लिए यही एकमात्र रास्ता है. पुल जर्जर होने के कारण कई बार वाहन असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बचे हैं. ग्रामीणों का सवाल है कि क्या प्रशासन व जनप्रतिनिधि किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पुल की तत्काल मरम्मत कराई जाए और वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो. नहीं तो परसाबाद का यह पुल लोगों के लिए मौत का पुल बन सकता है.
