लोहरदगा: 17 पार्षदों के स्थगन अनुरोध के बावजूद हुई नगर परिषद बोर्ड की बैठक

Lohardaga: नगर परिषद की बोर्ड बैठक शुक्रवार को उस समय विवादों के केंद्र में आ गई, जब 23 वार्ड पार्षदों में से...

17 पार्षदों के स्थगन

Lohardaga: नगर परिषद की बोर्ड बैठक शुक्रवार को उस समय विवादों के केंद्र में आ गई, जब 23 वार्ड पार्षदों में से 17 पार्षदों ने बैठक स्थगित करने का लिखित अनुरोध देने के बावजूद निर्धारित तिथि पर बैठक आयोजित कर ली गई. बैठक में केवल कुछ ही पार्षद उपस्थित हुए, लेकिन तय एजेंडे पर चर्चा करते हुए बैठक की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली गई. इस घटनाक्रम के बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है.

जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया

बैठक में अनुपस्थित रहे उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर सहित पार्षद अभिषेक कुमार, किशुन महतो, अब्दुल वारिस एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि बोर्ड बैठक की सूचना केवल एक दिन पहले व्हाट्सएप के माध्यम से दी गई. उनका कहना है कि इतने कम समय में बैठक की तैयारी करना और वार्डों से जुड़े मुद्दों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करना संभव नहीं था. उन्होंने इसे निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका को सीमित करने वाला कदम बताया. पार्षदों के अनुसार बैठक के लिए जारी एजेंडे में भी नगर की वर्तमान समस्याओं और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को पर्याप्त स्थान नहीं दिया गया था. उनका कहना है कि शहर में कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर गंभीर चर्चा और निर्णय की आवश्यकता है, लेकिन एजेंडे में उन्हें प्राथमिकता नहीं मिली.

बैठक स्थगित करने का अनुरोध

बैठक से पहले 17 पार्षदों ने संयुक्त रूप से नगर परिषद अध्यक्ष एवं कार्यपालक पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर बैठक स्थगित करने का अनुरोध किया था. आवेदन में उल्लेख किया गया था कि वर्तमान समय में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान चल रहा है, जिसके कारण अधिकांश पार्षद अपने-अपने वार्डों में मतदाता सूची पुनरीक्षण और संबंधित कार्यों में व्यस्त हैं. ऐसे में सभी पार्षदों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना संभव नहीं है. पार्षदों ने अपने आवेदन में यह भी मांग की थी कि नगर हित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को एजेंडे में शामिल करते हुए नई तिथि निर्धारित की जाए, ताकि सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों की उपस्थिति में व्यापक चर्चा हो सके और सामूहिक निर्णय लिए जा सकें. उनका कहना है कि बोर्ड बैठक केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि नगर के विकास, योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं और नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए सबसे महत्वपूर्ण मंच होता है.

अगली बोर्ड बैठक कब?

अगली बोर्ड बैठक कब और किन परिस्थितियों में आयोजित की जाती है. नगरवासियों को भी उम्मीद है कि भविष्य की बैठकों में सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित कर नगर के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर व्यापक सहमति के साथ निर्णय लिए जाएंगे.

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