Palamu: जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर पलामू में सियासत काफी तेज हो गई है. मामले को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला. पलामू जिले के जाने-माने जेएमएम नेता संजीव तिवारी ने प्रेस वार्ता में छात्र आंदोलन और देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को उठाते हुए केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्र लंबे समय से निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उन पर पुलिस बल का प्रयोग किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे छात्रों के साथ दिल्ली पुलिस ने बेहद सख्ती बरती. उनके अनुसार, प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जो अत्यंत निंदनीय है.
‘छात्रों की आवाज को बल प्रयोग से नहीं दबा सकते’
संजीव तिवारी ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है और छात्रों की आवाज को बल प्रयोग के जरिए दबाने का प्रयास कतई उचित नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जेएमएम पार्टी शुरू से ही छात्रों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके अधिकारों की हर लड़ाई में पूरी मजबूती के साथ उनका साथ देती रहेगी. संजीव तिवारी ने केंद्र सरकार के समक्ष मांग रखी कि नीट पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, पूरे मामले की जिम्मेदारी तय की जाए तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक आधार पर तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें. उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और धांधलियों से युवाओं का भविष्य और व्यवस्था से उनका भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है. इसलिए सरकार को बिना देर किए अपनी जवाबदेही तय करते हुए छात्रों को न्याय दिलाने के लिए ठोस और कड़े कदम उठाने चाहिए. उन्होंने अंत में दोहराया कि जेएमएम छात्रों के हितों से जुड़े हर मुद्दे को पूरी दमदारी से लोकतांत्रिक तरीके से उठाती रहेगी और उनकी बुलंद आवाज को दबाने नहीं देगी.
