Lohardaga : लोहरदगा-टोरी रेलखंड पर शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया।.कुडू थाना क्षेत्र के बंदुआ गांव के समीप रेलवे ट्रैक पर भैंसों का झुंड आ जाने से आनंद विहार-पुरुलिया एक्सप्रेस (14022) उनसे टकरा गई. हादसे में सात भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं. दुर्घटना के कारण रेल परिचालन करीब ढाई घंटे तक प्रभावित रहा और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
रेल ट्रैक पर आया भैंसों का झुंड, बड़ा हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार आनंद विहार-पुरुलिया एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर रांची की ओर जा रही थी. इसी दौरान बंदुआ गांव के पास अचानक भैंसों का एक झुंड रेलवे ट्रैक पर आ गया. ट्रेन की गति तेज होने के कारण चालक को पर्याप्त समय नहीं मिल सका और ट्रेन भैंसों से टकरा गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर बेहद जोरदार थी, जिससे सात भैंसों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, रेलवे कर्मी और RPF की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया. बताया जा रहा है कि भैंसों को कुछ मवेशी व्यापारी एक स्थान से दूसरे स्थान ले जा रहे थे. इसी दौरान झुंड रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया और दुर्घटना का शिकार हो गया. घटना ने रेलवे ट्रैक के आसपास पशुओं की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
लोहरदगा में ट्रेन की चपेट में आकर सात भैंसों की मौत
हादसे के बाद ट्रेन को एहतियातन रोक दिया गया. रेलवे अधिकारियों ने मृत भैंसों को ट्रैक से हटाने और रेल मार्ग को सुरक्षित बनाने का कार्य शुरू किया. इस प्रक्रिया में काफी समय लगने के कारण ट्रेन लगभग ढाई घंटे तक प्रभावित रही. ट्रैक की जांच और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सुबह करीब 10 बजे ट्रेन को रांची के लिए रवाना किया गया. लोहरदगा RPF थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भैंसों का झुंड अचानक रेलवे ट्रैक पर आ गया था, जिससे यह दुर्घटना हुई. उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए रेल सेवा प्रभावित हुई थी, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य कर दी गई और ट्रेनों का परिचालन सुचारु रूप से शुरू कर दिया गया. स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. वहीं, मवेशी पालकों और व्यापारियों से भी रेलवे लाइन पार कराने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है. यह हादसा न केवल पशुधन की बड़ी क्षति है, बल्कि रेल सुरक्षा और पशु प्रबंधन से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े करता है.
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