West Singhbhum: जिले के जेटेया थाना कांड संख्या-02/2020 में नाबालिग बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म एवं हत्या के मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
2020 में दर्ज हुआ था मामला
यह मामला 21 फरवरी 2020 को भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 370(4), 201 और पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 4 एवं 6 के तहत दर्ज किया गया था. मामले में जेटेया थाना क्षेत्र के बाबाडीहा, टोला कोचासाई निवासी रावण लागुरी, पिता जवाहरलाल लागुरी पर नाबालिग बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का आरोप था.
पुलिस जांच में जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्य
मामले की जांच के दौरान चाईबासा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन करते हुए न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किया, जिसके आधार पर पॉक्सो केस संख्या-17/2020 की सुनवाई पूरी हुई.
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अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
21 जुलाई 2026 को अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा की अदालत ने आरोपी रावण लागुरी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई.
- पॉक्सो अधिनियम की धारा-6 के तहत: आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माना.
- भादवि की धारा-363 के तहत: 4 वर्ष का कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माना.
- भादवि की धारा-201 के तहत: 4 वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना.
जघन्य अपराधों पर न्यायिक कार्रवाई का उदाहरण
यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों में पुलिस की प्रभावी जांच और न्यायिक प्रक्रिया की सफलता को दर्शाता है. मामले में त्वरित कार्रवाई और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा दिलाई गई है.
