Lohardaga: जिले के विमरला माइंस में पिछले सप्ताह से ठप पड़ा कार्य आखिरकार फिर से शुरू हो गया. लोडरों की विभिन्न मांगों को लेकर कंपनी और श्रमिकों के बीच लंबे समय से सहमति नहीं बन पा रही थी, जिसके कारण माइंस का संचालन बाधित हो गया था. इस स्थिति से न केवल खनन कार्य प्रभावित हुआ, बल्कि ट्रांसपोर्ट व्यवस्था और स्थानीय रोजगार पर भी असर पड़ा. ऐसे में लोहरदगा गुमला ट्रक ऑनर एसोसिएशन की पहल निर्णायक साबित हुई.
बैठक में बनी सहमति
आज एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल विमरला माइंस पहुंचा, जहां कंपनी प्रबंधन, लोडरों और ट्रक चालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक का उद्देश्य सभी पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर समस्याओं का समाधान निकालना था. बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी, जिससे माइंस में कार्य फिर से शुरू करने का रास्ता साफ हो गया.
टोकन सिस्टम में पारदर्शिता
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब प्रतिदिन सुबह 6.00 बजे से ट्रकों के लिए टोकन वितरण शुरू किया जाएगा. टोकन व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने पर जोर दिया गया. यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी वाहन को वीआईपी का दर्जा नहीं दिया जाएगा और सभी ट्रकों को समान रूप से टोकन, लोडिंग और ट्रिप की सुविधा दी जाएगी. इस निर्णय से लंबे समय से चल रही भेदभाव की शिकायतों पर विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है.
तकनीकी व्यवस्था होगी दुरुस्त
इसके अलावा तकनीकी व्यवस्था को भी दुरुस्त करने पर सहमति बनी. बैठक में जानकारी दी गई कि ब्रेकर मशीन को अगले 2 से 3 दिनों के भीतर चालू कर दिया जाएगा, जिससे खनन कार्य की गति में तेजी आएगी. वहीं, माइंस परिसर में जहां माल डंप किया जाता है, वहां पीने के पानी की समुचित व्यवस्था करने का भी निर्णय लिया गया. इससे मजदूरों और चालकों को काफी राहत मिलेगी.
समन्वय से होगा समाधान
बैठक में अन्य कई मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई और सभी पक्षों ने आपसी समन्वय बनाए रखते हुए कार्य करने का संकल्प लिया. सभी ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य में किसी भी समस्या का समाधान बातचीत के माध्यम से ही निकाला जाएगा, ताकि कामकाज प्रभावित न हो और सभी हितधारकों के बीच विश्वास बना रहे.
बैठक में शामिल रहे प्रतिनिधि
इस बैठक में लोहरदगा गुमला ट्रक ऑनर एसोसिएशन के सचिव रहमान अंसारी, मीडिया प्रभारी राजेश शर्मा, उपाध्यक्ष शशिकांत दास और उपाध्यक्ष अजमल कुरैशी मौजूद रहे. वहीं कंपनी की ओर से माइंस मैनेजर किरण शंकर सिंह और रवि कुमार ने प्रतिनिधित्व किया. लोडरों की तरफ से बाबूलाल उरांव, सुकूल उरांव, महेश लोहरा और दिलीप उरांव उपस्थित थे. इसके अलावा चालकों की ओर से तस्लीम, शमशाद, अजय, रवि, सोनू और संजय राम समेत सैकड़ों ट्रक चालक और लोडर भी बैठक में शामिल हुए.
आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बल
बैठक के बाद सभी पक्षों ने संतोष जताया और कहा कि यह सहमति क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को फिर से गति देगी. एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सभी को मिलकर काम करना होगा ताकि भविष्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आगे कोई समस्या आती है तो उसे आपसी संवाद के जरिए सुलझाया जाएगा.
स्थानीय लोगों को मिलेगी राहत
कुल मिलाकर, विमरला माइंस में कार्य शुरू होने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी और इससे जुड़े सैकड़ों परिवारों को राहत मिलेगी
