Ranchi: झारखंड समेत देशभर में नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के साथ-साथ ज़ब्त की गई ड्रग्स के डिस्पोजल को लेकर सरकार बेहद सख्त रुख अपना रही है. नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी मात्रा में ज़ब्त किए गए नशीले पदार्थों, साइकोट्रोपिक पदार्थों और नियंत्रित रसायनों को नष्ट करने के लिए एक विशेष देशव्यापी अभियान शुरू किया है. एनसीबी मुख्यालय (नई दिल्ली) के डिप्टी डायरेक्ट ज्ञानेंद्र कुमार सिंह द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह विशेष अभियान 26 जून से शुरू हुआ है और आगामी 10 जुलाई तक चलाया जाएगा.
गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर तैयार हुआ रोडमैप:
पत्र में इस बात का विशेष उल्लेख है कि इसी वर्ष नौ जनवरी को आयोजित 9वीं अपेक्स एनकॉर्ड बैठक के दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ज़ब्त की गई ड्रग्स के निपटारे में तेजी लाने और इसके लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए थे. उसी बैठक में लिए गए निर्णय के अनुपालन में इस राष्ट्रव्यापी विशेष अभियान शुरू किया जाएगा.

राज्यों और ज़ोनल यूनिट्स को अधिकतम निपटारे के आदेश:
एनसीबी ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स के प्रमुखों और एनसीबी के सभी एडिशनल व ज़ोनल डायरेक्टर्स को निर्देश जारी किए हैं. उनसे अपील की गई है कि इस निर्धारित अवधि (26 जून से 10 जुलाई) के भीतर ड्रग्स के निपटारे की मात्रा को अधिकतम किया जाए, ताकि मालखानों और थानों में बड़ी मात्रा में जमा ड्रग्स को पूरी तरह नष्ट किया जा सके.
इन 23 नशीले और प्रतिबंधित पदार्थों की सूची की गई तैयार:
एनसीबी ने ब्योरा जुटाने और इसकी निगरानी करने के लिए सभी राज्यों और यूनिट्स से 15 जून तक एक निश्चित प्रारूप में डेटा मांगा था. इस अभियान के तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित 23 श्रेणियों के पदार्थों को नष्ट करने के लिए चिन्हित किया गया है. जिनमें अफीम ,मॉर्फिन, हेरोइन, पोस्ता दाना और डोडा चूरा, गांजा, हाइड्रोपोनिक वीड, चरस और हशीश, हशीश तेल, कोकीन, एटीएस और मेथैमफेटामाइन, एमडीएमए,मेफेड्रोन, मेथाक्वालोन, एलएसडी, डीएमटी, फेंटानिल, सीबी, सीबीसीएस (CBCS – कोडिन आधारित कफ सिरप), ब्यूप्रेनॉर्फिन शामिल है.
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