Ranchi: NIA के विशेष न्यायाधीश एजेसी अभिमन्यु कुमार की अदालत ने टेरर फंडिंग मामले के आरोपी तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) नरेश गंझु उर्फ रविकांत को बेल देने से इनकार कर दिया. NIA के विशेष लोक अभियोजक ने बहस के दौरान जमानत का विरोध करते हुए कहा कि नरेश गंझु के जेल से बाहर आने पर वह फिर से संगठन को मजबूत करने में लग जायेगा, जिससे फिर से लोगों में दहशत फैलेगी. नरेश लावालौंग थाना क्षेत्र के मंधनिया गांव निवासी स्व. शिवनाथ गंझू उर्फ जानकी गंझू का पुत्र है. वह लंबे समय से विभिन्न गंभीर मामलों में फरार चल रहा था.

जुलाई 2026 में उग्रवादी नरेश गंझु को किया गया था गिरफ्तार
बता दें, जुलाई 2026 में चतरा पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी के उग्रवादी नरेश गंझु उर्फ रविकांत को गिरफ्तार किया था. उसे चतरा पुलिस ने कोबरा बटालियन के सहयोग से गिरफ्तार किया था. इससे पहले 13 जुलाई को लातेहार से माओवादी रविंद्र गंझु को गिरफ्तार किया गया था. नरेश गंझू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का अब सारा फोकस संगठन के सुप्रीमो बृजेश गंझू उर्फ सरदार पर केंद्रित हो गया है. बृजेश गंझू तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी के संस्थापक है. इसके विरुद्ध प्रदेश के विभिन्न जिलों के आठ दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं. उस पर सरकार ने 25 लाख का इनाम रखा हुआ है.
छापेमारी के दौरान मंधनिया गांव स्थित फुटबाल मैदान से करीब 100 मीटर दूर घने जंगल के पास से उग्रवादी नरेश गंझु उर्फ रविकांत को गिरफ्तार किया गया था. नरेश गंझू के विरुद्ध चतरा व लातेहार जिले के विभिन्न थानों में कुल छह गंभीर मामले दर्ज हैं. इनमें बालूमाथ थाना के दो, लावालौंग थाना के दो, कुंदा और सिमरिया थाना में एक-एक मामला शामिल है. इन मामलों में हत्या, अपहरण, रंगदारी, अवैध हथियार रखने, प्रतिबंधित संगठन की गतिविधियों में शामिल रहने तथा यूएपीए के तहत अपराध दर्ज हैं.
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