झारखंड में एमबीए का नया सिलेबस: मंत्री, बिचौलिया और अधिकारी की सीसी वाली क्लास!

  रांची: झारखंड की राजनीति में इन दिनों एक नई डिग्री की चर्चा जोरों पर है, वह है एमबीए. लेकिन यह कोई...

 

रांची: झारखंड की राजनीति में इन दिनों एक नई डिग्री की चर्चा जोरों पर है, वह है एमबीए. लेकिन यह कोई मैनेजमेंट का कोर्स नहीं, बल्कि पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही के अनुसार राज्य की सत्ता को चलाने वाला वो त्रिकोण है जिसमें एम से मंत्री, बी से बिचौलिया और ए से अधिकारी शामिल हैं. भानू प्रताप शाही ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान हेमंत सरकार पर हमला बोलते हुए इसे सीसी यानी कट-कमीशन की सरकार करार दिया है.

2254 करोड़ की भारी-भरकम राशि और एमबीए की नजर

भानु प्रताप शाही ने केंद्र सरकार द्वारा गांवों के विकास के लिए भेजी गई 2254 करोड़ रुपये की राशि का जिक्र करते हुए आशंका जताई कि राज्य की एमबीए मंडली इस पर अपनी पैनी नजर गड़ाए बैठी है. उन्होंने कहा अटल जी का सपना था कि गांव विकसित होंगे तभी झारखंड विकसित होगा। पीएम मोदी ने पंचायत स्तर पर विकास के लिए औसतन 52 लाख रुपये प्रति पंचायत भेजे हैं, लेकिन डर है कि सीसी (कट-कमीशन) सरकार इसे भी डकार न जाए.

दीपिका पांडेय सिंह पर निशाना और सौतेले व्यवहार का पलटवार

शाही ने नवनियुक्त मंत्री दीपिका पांडेय सिंह को भी लपेटे में लेते हुए कहा कि यदि वे भी इसी कट-कमीशन की लीक पर चलती हैं, तो ग्रामीण विकास का बंटाधार निश्चित है. उन्होंने राज्य सरकार के उस पुराने आरोप पर भी पलटवार किया जिसमें केंद्र पर सौतेले व्यवहार की बात कही जाती है. शाही ने पूछा कि जब इतनी बड़ी राशि आई, तो क्या मुख्यमंत्री या किसी मंत्री ने पीएम मोदी को धन्यवाद देने की जहमत उठाई?

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30 हजार करोड़ सरेंडर!

भानु प्रताप शाही ने सरकार की कार्यक्षमता पर सवाल उठाते हुए कुछ गंभीर आरोप भी जड़े. कहा पिछले वित्तीय वर्ष में सरकार ने 30 हजार करोड़ रुपये खर्च न कर पाने के कारण सरेंडर कर दिए. पीएम आवास योजना को कछुआ गति से चलाया जा रहा है, जबकि अबुआ आवास के नाम पर जनता को सिर्फ कागजी सपने दिखाए गए. शाही का आरोप है कि सरकार अबुआ आवास की लिस्ट में पीएम आवास के लाभार्थियों को अधिकारियों के जरिए एडजस्ट कर रही है. टंकी खड़ी है पर पानी गायब है. शाही के अनुसार, पीएम मोदी का भेजा पैसा एमबीए (मंत्री-बिचौलिया-अधिकारी) के गलियारे में ही गुम हो गया.

भाजपा की चेतावनी

विशेष रूप से आदिम जनजातियों के लिए भेजे गए 2050 करोड़ रुपये पर शाही ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अगर सरकार ने इसमें भी कमीशनखोरी की कोशिश की, तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी. उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि केंद्र की योजनाओं में हो रही देरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा अब सड़क पर उतरकर बड़े आंदोलन की तैयारी में है.

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