Ranchi: झारखंड के सरकारी महकमे में इन दिनों सन्नाटा और मायूसी का आलम है. अप्रैल महीने का पूरा सप्ताह बीत जाने के बाद भी लगभग पोने तीन लाख कर्मचारियों के खातों में वेतन की डिजिटल खनक सुनाई नहीं दी है. नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही आए इस गतिरोध ने न केवल कर्मियों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है, बल्कि बैंकों की ईएमआइ और बच्चों की स्कूल फीस भरने की समय सीमा ने उनकी रातों की नींद उड़ा दी है. वहीं पेंशनधारियों को पेंशन मिल चुका है.
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देरी के पीछे मुख्य कारण
• सॉफ्टवेयर और सिस्टम अपडेट: आधिकारिक तौर पर यह कहा जा रहा है कि नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में सिस्टम और सॉफ्टवेयर को अपडेट किया जा रहा है, जिसकी वजह से ट्रेजरी से भुगतान की प्रक्रिया रुकी हुई है.
• आवंटन की कमी: विभिन्न विभागों का कहना है कि उन्हें अब तक आवश्यक बजट आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है. जब तक विभागों को राशि आवंटित नहीं होती, ट्रेजरी भुगतान क्लियर नहीं कर सकता.
• कोष में नकदी का संकटः सरकारी खजाने में यथोचित नकद राशि की कमी के चलते सिस्टम अपडेट के नाम पर फिलहाल भुगतान को रोका गया है.
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