Ranchi : गिरिडीह जिला में चलती मालगाड़ी से कोयला लूट की खबर प्रकाशित होने के बाद आरपीएफ ईस्टर्न रेलवे ने संज्ञान लिया है. न्यूज वेव झारखंड ने शुक्रवार को
“गिरिडीह में कोयला माफियाओं का आतंक, चलती मालगाड़ियों को बना रखा है लूट का अड्डा, प्रशासन मौन ” शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी. जिसके बाद आरपीएफ ईस्टर्न रेलवे ने संज्ञान लेते हुए जांच का आदेश दिया है.
खड़ी मालगाड़ियों की बोगियों पर चढ़कर दिनदहाड़े कोयला गिरा रहे हैं
सीसीएल कोलियरी क्षेत्र में कोयला चोरी का खेल अब खुलेआम चुनौती बन चुका है. कोयला माफिया इतने बेखौफ हो गए हैं कि चलती और खड़ी मालगाड़ियों की बोगियों पर चढ़कर दिनदहाड़े कोयला गिरा रहे हैं. लेकिन जिम्मेदार एजेंसियां तमाशबीन बनी हुई हैं. करोड़ों रुपये के सरकारी कोयले की लगातार हो रही चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है. जानकारी के अनुसार गिरिडीह कोलियरी से रेलवे रैक के जरिए विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों और उद्योगों तक कोयला भेजा जाता है. लेकिन रेलवे साइडिंग से लेकर कई संवेदनशील इलाकों में सक्रिय संगठित गिरोह रैक के धीमा पड़ते ही बोगियों पर चढ़ जाते हैं और धड़ल्ले से कोयला नीचे फेंकना शुरू कर देते हैं. नीचे मौजूद उनके सहयोगी बोरे और छोटे वाहनों के जरिए चोरी के कोयले को तुरंत सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचा देते हैं.

X Link : गिरिडीह में कोयला माफियाओं का आतंक,चलती मालगाड़ियों को बना रखा है लूट का अड्डा, प्रशासन मौन
स्थानीय लोगों का आरोप संगठित तरीके से चल रहा कारोबार
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह अवैध कारोबार लंबे समय से संगठित तरीके से चल रहा है. कई बार सीसीएल सुरक्षा कर्मियों ने चोरी रोकने की कोशिश की, लेकिन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट और पथराव तक की घटनाएं हो चुकी हैं. सबसे गंभीर बात यह है कि इसी अवैध कारोबार को लेकर हुए विवाद और झड़प में एक युवक की जान भी जा चुकी है. फिर भी कोयला चोरी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा.
कोयला माफियाओं को संरक्षण कौन दे रहा है? और क्यों
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने में विफल साबित हो रहे है. क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल और सीसीएल प्रबंधन से तत्काल सख्त कार्रवाई कर कोयला चोरी के इस अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.
