Ajay Dayal
Ranchi : उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक और धांधली मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. मास्टर माइंड अतुल वत्स, विकास कुमार, आशीष कुमार, योगेश कुमार, मुकेश कुमार व आधा दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों को तमाड़ पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी. पूछताछ में अतुल वत्स व अन्य ने पुलिस को जानकारी देते हुए दावा किया कि उनके पास जो प्रश्न पत्र था, वह बिल्कुल सही था. लेकिन जब वे लोग पकड़े गये तो रांची पुलिस ने इसकी जानकारी जेएसएससी( झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग) को दी. रांची पुलिस ने आरोपियों से जब्त प्रश्न पत्र का सेट जेएसएससी को भेजा, उसके बाद जेएसएससी ने रातों रात प्रश्न पत्रका सेट बदल दिया. जिसके कारण पेपर लीक नहीं हो सका.

आरोपी नहीं पकड़े जाते तो लीक की थी पूरी संभावना
यदि आरोपी पकड़े नहीं जाते तो प्रश्न पत्र लीक होने की पूरी संभावना थी. हालांकि उक्त बातों का जिक्र केस डायरी में नहीं किया गया है. उक्त जानकारी आरोपियों ने अपने अधिवक्ताओं को दी थी. वर्तमान में मास्टर माइंड को छोड़कर 154 अभ्यर्थियों को अदालत ने सशर्त जमानत दे दी है. मामले की सुनवाई अभी जारी है. इसी बीच उक्त मामले में तीन अन्य आरोपियों को भी रांची पुलिस ने बिहार के विभिन्न जिलों से गिरफ्तार किया है. अब तक गिरोह के मास्टर माइंड सहित आठ सदस्यों को रांची पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि मामले में तमाड़ थाना में जो प्राथमिकी दर्ज की गयी है उसमें पेपर लीक, षडयंत्र, धोखाधड़ी आदि धारायें लगी हुई है.
क्या है पूरा मामला
उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा 13 अप्रैल को आयोजित होने वाली थी. 12 अप्रैल की रात अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाये जा रहे थे. मामले में अभ्यर्थियों सहित 166 आरोपियों को तमाड़ पुलिस ने रड़गांव से गिरफ्तार किया था. उसमें सरगना सहित पांच मास्टरमाइंड, सात महिला व 152 अभ्यर्थी सहित 164 आरोपी शामिल हैं. जमानत के लिए 78 याचिका दाखिल की गयी थी. अदालत ने सुनवाई के दौरान केस डायरी की मांग की. लेकिन तमाड़ पुलिस ने केस डायरी प्रस्तुत नहीं किया. जिसके कारण सुनवाई तीन बार टल चुकी थी. इस पर अदालत ने अंतिम मौका देते हुए अगली तारीख तक हर हाल में केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. उसके बाद केस डायरी प्रस्तुत किया गया और आरोपियों को जमानत मिल गयी.
रड़गांव के नर्सिंग कॉलेज में हुई थी छापेमारी
तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में पुलिस छापेमारी के दौरान इस बड़े रैकेट का खुलासा हुआ. जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे और संगठित गिरोह इस धांधली को अंजाम दे रहा था. अभ्यर्थियों से परीक्षा के पहले तीन लाख व नियुक्ति के समय 10 लाख रुपये पर देना तय किया गया था. लेकिन रडगांव में इतनी संख्या लोगों के जमा होने पर ग्रामीणों को नक्सली या आपराधिक गतिविधियों का शक होने पर पुलिस को सुचना दी थी उसके बाद मामले का खुलासा हुआ था.
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