Newswave Expose: टीवीएनएल को दो साल में 825.76 करोड़ का घाटा, खटखटाया जेएसईआरसी का दरवाजा 

Ranchi: राज्य सरकार के उपक्रम तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड (टीवीएनएल) ने वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान हुए भारी वित्तीय घाटे...

Ranchi: राज्य सरकार के उपक्रम तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड (टीवीएनएल) ने वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान हुए भारी वित्तीय घाटे की भरपाई के लिए झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष ‘ट्रू-अप’ याचिका दायर की है. टीवीएनएल ने दोनों वित्तीय वर्षों को मिलाकर कुल 825.76 करोड़ के रेवेन्यू का दावा किया है. बोकारो के लालपनिया में 420 मेगावाट क्षमता का बिजली संयंत्र चलाने वाली कंपनी ने इस याचिका के जरिए अपने खर्चों और राजस्व का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया है.

खर्च बढ़े, उत्पादन घटा: कहां हुआ नुकसान 

• उत्पादन और क्षमता उपयोग में गिरावट: वित्तीय वर्ष 2023-24 में जहाँ बहुवर्षीय टैरिफ के तहत 85% पीएलएफ (प्लांट लोड फैक्टर) का लक्ष्य था, वहीं वास्तविक उत्पादन महज 61.16% (2250.02 मिलियन यूनिट) रहा। वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी यह लक्ष्य 85% के मुकाबले सिर्फ 64.36% (2374.60 मिलियन यूनिट) ही हासिल हो सका.

• ओएंडएम खर्चों का बोझ: साल 2023-24 में ओएंडएम खर्चों का अनुमान 161.80 करोड़ था, जो वास्तव में बढ़कर 273.21 करोड़ हो गया. इसी तरह कर्मचारियों पर होने वाला खर्च 65.83 करोड़ के अनुमान के विपरीत 140.92 करोड़ तक पहुंच गया.

• ब्याज और कार्यशील पूंजी: कंपनी का कर्ज पर ब्याज अनुमानित 10.15 करोड़ से कई गुना बढ़कर 104.23 करोड़ हो गया. इन बढ़े हुए खर्चों और कम बिजली उत्पादन के कारण कंपनी को भारी राजस्व अंतर का सामना करना पड़ा.

कहां मिली राहत: कहां हुआ थोड़ा लाभ

• गैर-टैरिफ आय में बढ़ोतरी: कंपनी को अपनी गैर-टैरिफ आय में आंशिक लाभ हुआ। वित्तीय वर्ष 2023-24 में यह अनुमानित 19.75 करोड़ से बढ़कर 25.53 करोड़ रही, जबकि 2024-25 में यह 20.69 करोड़ के मुकाबले 28.73 करोड़ दर्ज की गई.

• आरएंडएम खर्चों में बचत: संयंत्र के मरम्मत और रखरखाव खर्चों में कंपनी ने थोड़ी बचत की. साल 2023-24 में इसके लिए तय 26.13 करोड़ के मुकाबले केवल 9.60 करोड़ ही खर्च हुए.

लगातार बढ़ता गया राजस्व घाटा 

इन सभी नफा-नुकसान को मिलाकर कंपनी का शुद्ध वार्षिक राजस्व घाटा लगातार बढ़ता गया.वित्तीय वर्ष 2023-24 में वास्तविक कुल ऊर्जा शुल्क 697.54 करोड़ रहा, जिससे इस साल का शुद्ध घाटा 348.48 करोड़ दर्ज हुआ. इसमें 120.05 करोड़ की कैरिंग कॉस्ट जुड़ने से कुल घाटा 468.54 करोड़ पहुंच गया. वहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल ऊर्जा शुल्क 736.25 करोड़ रहा, जिससे इस वर्ष 295.78 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ और 61.45 करोड़ की कैरिंग कॉस्ट के साथ यह साल का घाटा 357.23 करोड़ रहा. दोनों वर्षों का यह घाटा ही 825.76 करोड़ के आंकड़े में तब्दील हो गया है.

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